अबकी बार दूरगामी सरकार

(रवीश कुमार लिखित मूल हिंदी आलेख, ‘अबकी बार दूरगामी सरकार’ का अंगिका अनुवाद)

कुछ हफ्ता स॑ बिजनेस अख़बारऽ के कतरनऽ स॑ आर्थिक संकटऽ के संकेत सब क॑ चुनी-चुनी क॑ अपनऽ फेसबुक पेज @RavishKaPage प॑ जमा करी रहलऽ छियै । कुछ लोगऽ क॑ लगै छै कि हम्म॑ निगेटिव होय गेलऽ छियै । निगेविट क॑ निगेटिव कहना ही पोज़िटिव छै । झूठ क॑ सच कहना संसार केरऽ सबस॑ पोज़िटिव कर्तव्य छै । अख़बारऽ के दबलऽ छिपलऽ हेडलाइन देखऽ, सरकार भी कही रहलऽ छै कि हुनी अर्थव्यवस्था क॑ धक्का दै लेली पैकेज बनाय रहलऽ छै । आर्थिक संकट केरऽ ख़बरऽ स॑ कुछ लोग नाराज़ होय रहलऽ छेलै आरू विनती कर॑ लगलऽ छेलै कि एक त॑ काम अच्छा होतै सरकार केरऽ । दोस्त, हम्म॑ ऑन डिमांड तारीफ़ केरऽ होम डिलिवरी नै करै छियै । नब्बे फीसदी मीडिया ई काम दिन रात करी रहलऽ छै । आपन॑ के ओकरा स॑ मऽन भरी जाना चाहियऽ । आपन॑ ख़ुद बतैइयै कि कौन सेक्टर छै, जहां दनादन प्रगति होय रहलऽ छै आरू  रोज़गार मिली रहलऽ छै ।

ई अपनऽ समय के सबस॑ बड़ा सत्य छै कि अपनऽ समाज डरलऽ-डरलऽ छै । व्यापारी आयकर आरू एक्साइज़ विभाग के डर स॑ नै  बोली रहलऽ छै, विपक्ष सीबीआई के डर स॑ पलायन करी रहलऽ छै, संपादक-पत्रकारऽ प॑ भी डऽर हावी छै । आपन॑ ई बात के मज़ाक उड़ैत॑ रहियै, लेकिन जे सच छै वू सच ही छै । सरकार स॑ जादा ई जाँच एजेंसी सिनी देश चलाय रहलऽ छै । समाज क॑ नियंत्रित करी रहलऽ छै ।

नोटबंदी दुनिया केरऽ सबस॑ बड़ऽ मूर्खतापूर्ण आर्थिक फैसला छेलै । कोय भी तरह के आंकड़ा उठाय क॑ देखी ल॑ । ई एगो बकवास तर्क छै कि मंशा सही छेलै, लागू सही तरह स॑ नै होलै । यह॑ तर्क जीएसटी म॑ भी देलऽ जाय रहलऽ छै । ज॑ आपन॑ सही स॑ लागू ही नै कर॑ पाबी रहलऽ छो, त॑ मंशा कोन बात के सही छेलै । तीन महीना बीती गेलऽ छै जीएसटी म॑ फार्म भरै के समस्या दूर नै होलऽ छै ।

ई दू बड़ऽ फैसला केरऽ असर स॑ सरकार बचै के प्रयास करै छै। ई कही क॑ टाली दै छै कि दूरगामी नतीजा होतै। त॑ आपन॑ ही बताय दियै कि आपन॑ के हिसाब स॑ ई दूरगामी के समय सीमा की छेकै ? २०२२? एक साल बीतै ल॑ चललै नोटबंदी केरऽ, अब॑ केतना दूरगामी, तीन महीना होय गेलै जीएसटी के । नया नारा ही लिखी दहो, अबकी बार दूरगामी सरकार ।

तीन- चार महीना तलक नोटबंदी आरू जीएसटी के कारण जे लाखों करोड़ों के नुकसान होतै, ओकरऽ भरपाई के करतै ? बिजनेस मंदा होय के कारण रोज़गार कम होतै, लोगऽ के छँटनी होतै त॑ ओकरऽ दूरगामी परिणाम की होतै ? वू तत्काल ढेर होय जैतै ।

नोटबंदी आरू जीएसटी जैसनऽ दू बड़ऽ आर्थिक फ़ैसला म॑ सरकार केरऽ तैयारी आरू प्रदर्शन क्षमता के पोल खुली गेलऽ छै । सारा फोकस विज्ञापन आरू स्लोगन प॑ होतै त॑ यह॑ होतै । जाँच एजेंसी सब केरऽ डर नै होतियै त॑ जीएसटीएन स॑ होय रहलऽ दिक्कतऽ के ख़िलाफ़ आय व्यापारी सड़कऽ पर होतियै । चुनावी जीत के बल प॑ आपन॑ हर फ़ैसला क॑ सही नै ठहराब॑ सकै छियै या सवालऽ सब क॑ चुप नै कराब॑ सक॑ छियै । ऐसनऽ होतियै त॑ चुनाव केरऽ नतीजा ऐथैं अखबार छपना बंद होय जैतियै ।

आजकऽ बिजनेस स्टैंडर्ड म॑ ट्रांसपोर्ट सेक्टर प॑ जीएसटी केरऽ असर के रिपोर्ट छै। भरम फैलैलऽ जाय रहलऽ छै कि जीएसटी ऐला के बाद ट्रांसपोर्ट सेक्टर क॑ फायदा  होलऽ छै । आक्टराय आरू टोल टैक्स समाप्त होय गेलऽ छै । रिपोर्ट में १००० स॑ १०००० ट्रक चलाबै वाला कंपनियऽ स॑ बात करलऽ गेलऽ छै । हुनका सथ॑ होलऽ बातचीत के सारांश यहां द॑ रहलऽ छियै ।

ऑक्टरॉय आरू टोल टैक्स हटाय देला के बाद भी ट्रकऽ के फेरा म॑ लगै वाला समय म॑ कोय ख़ास कमी नै ऐलऽ छै । जे व्यापारी रजिस्टर्ड नै छै, ओकरऽ माल ढोना बंद होय गेलऽ छै । (ओना ई काम के दुगुना दाम लेलऽ जाय रहलऽ छै!) ई कारण ट्रांसपोर्ट सेक्टर के माँग म॑ ३० स॑ ४० फीसदी केरऽ कमी ऐलऽ छै । की ३०-४० परसेंट के कमी मज़ाक छेकै ?

जों छोटऽ ट्रांसपोर्टर ई संकट क॑ नै संभाल॑ पारलकै त॑ ई सेक्टर म॑ बड़ऽ संख्या म॑ रोज़गार जाब॑ सकै छै ।  जीएसटी के कारण बहुत कम रूट ऐसनऽ छै,जहाँ भाड़ा म॑ कमी ऐलऽ छै । जादातर रूट म॑ १००० स॑ ल॑ क॑ ५००० तक के वृद्धि ही होलऽ छै । ऊपर स॑ डीज़ल केरऽ बढ़लऽ जाय रहलऽ दामऽ न॑ ट्रांसपोर्ट सेक्टर केरऽ मुनाफ़ा बैठाय देल॑ छै । जून के बाद स॑ १० फीसदी दाम बढ़लऽ छै ।

लुधियाना स॑ एगो व्यापारी न॑ लिखल॑ छै कि पेट्रोल प॑ सरकार पहनै स॑ ही २८ फीसदी टैक्स ल॑ रहलऽ छै । जब॑ वू अपनऽ फैक्ट्री लेली पेट्रोल ख़रीदै छै त॑ ओकरा प॑ अलग स॑ २८ फीसदी जीएसटी दै ल॑ परै छै । हुनकऽ कहना छै कि वू पेट्रोलियम उत्पाद प॑ १०२ प्रतिशत जीएसटी द॑ रहलऽ छै आरू एकरऽ इनपुट क्रेडिट टैक्स भी नै मिलतै । एक तरह स॑ व्यापारियऽ स॑ ज़बरन वसूली होय रहलऽ छै ।

ई वसूली कैन्हें होय रहलऽ छै ? की नोटबंदी के कारण सरकार के हालत ख़स्ता होय गेलऽ छै? जेकरा स॑ बचै लेली  ज़बरन वसूली होय रहलऽ छै । सरकार क॑ चाहियऽ छेलै कि इनपुट क्रेडिट रिफंड भी हाथ के हाथ द॑ दिअ॑ ताकि व्यापारियऽ क॑ ६५००० करोड़ स॑ एक लाख करोड़ तक के पैसा ओकरा वापस मिल॑ आरू वू बिजनेस म॑ लगाब॑ सक॑ । व्यापारियऽ के पूरा पूँजी सरकार के यहां अटकलऽ पड़लऽ छै ।

सीए कमाय नै रहलऽ छै बल्कि वू भी परेशान छै । प्रक्रिया एतना जटिल छै कि ओकरऽ पूरा महीना एखरै में लगी जाय छै । कुछ सीए न॑ हमरा लिखल॑ छै कि हुनका भी ई जीएसटी समझ म॑ नै आबी रहलऽ छै । लास्ट मिनट म॑ लोगऽ क॑ पता चललै कि गूगल क्रोम स॑ फाइल नै होतै, इंटरनेट एक्सप्लोरर स॑ होतै। ऐसनऽ कैन्हें ?

ई-सिग्नेचर के बारे म॑ बहुतऽ क॑ पता नै छै । बहुत लोगें कहलकै कि जीएसटीएन हुनकऽ ई-सिग्नेचर पहचान॑ नै पाबी रहलऽ छै । ई कारण फार्म ही लोड नै हुअ॑ पाबी रहलऽ छै । एक व्यापारी न॑ बतैलकै कि तीन दिन तलक कोशिश करलकै मगर जीएसटीएन न॑ हुनकऽ डिजिटल सिग्नेचर क॑ अपलोड ही नै करलकै । कुछ समस्या ख़ुद समझ॑ नै पाबी रहलऽ छियै ई लेली यहाँ नै लिख॑ पाबी रहलऽ छियै । छोटऽ उद्योग धंधा पर जीएसटी न॑ बुरा प्रभाव डालल॑ छै ।  हुनकऽ लागत बढ़ी गेलऽ छै आरू मुनाफा घटी गेलऽ छै ।

जीएसटी पर हमरऽ फेसबुक पोस्ट के बाद बहुत लोगऽ न॑ अच्छा प्रतिक्रिया देन॑ छै । जेकरा म॑ सीए भी छै आरू व्यापारी भी छै । कोय भी ई नै कहलकै कि हम्म॑ ग़लत छियै । ई समस्या केरऽ ज़िक्र करै के मतलब ई नै छै कि व्यापारी टैक्स नै दै ल॑ चाहै छै । दू नंबर केरऽ धंधा त॑ आय भी होय रहलऽ छै । आपन॑ चाहै छियै त॑ पेंट व्यवसाय म॑ पता कर॑ सक॑ छो । आपन॑ सुनल॑ होबै कि कोनो बड़ऽ पेंट कंपनी या नकली पेंट बनाबै वाला प॑ छापा पड़लऽ हुअ॑ । आपन॑ क॑ प्रोपेगैंडा पचै छौं त॑ पचाबऽ मगर जे बात सही छै वू सही छै ।

अभी जब॑ १ अक्तूबर स॑ ई वे बिल शुरू होतै त॑ आरू भी जटिलता के सामाना करै ल॑ होतै । १० किमी दूर अगर माल बिना ई वे बिल के गेलै त॑ पकड़ाबै के ख़तरा रहतै, पकड़ैतै कोय नै, आपन॑ भी जानै छियै, जमी क॑ दू नंबर केरऽ धंधा होतै ।

ई-वे बिल की छेकै ? एक व्यापारी अगर ५०००० स॑ अधिक के सामान बेचै छै त॑ ख़रीदै वाला क॑ बिल केरऽ डिटेल मेल करतै । फिर ख़रीदार ओकरा जीएसटी केरऽ वेबसाइट पर जाय क॑ अपनऽ एकाउंट म॑ भरतै । एकरा E-1 फार्म कहलऽ जाय छै । ई फार्म ल॑ क॑ वू अपनऽ बिक्रेता क॑ मेल करतै, बेचै वाला अपनऽ मूल व्यापारी यानी होल सेलर क॑ देतै । तब॑ जाय क॑  E-1 के नंबर के आधार प॑ एगो आरू फार्म E-2 जनरेट होतै। अब॑ दूनू फार्म के प्रिंट आउट ल॑ क॑ ही वू माल ख़रीदै वाला क॑ भेज॑ सकतै । ई बिल के बिना वू माल नै भेज॑ सकै छै ।

एक व्यापारी एक दिन म॑ ऐसनऽ ५० बिल काटतै, ५० लोगऽ स॑ ई-वे बिल मांगतै आरू जब॑ ओकरा मिलतै तब॑ कहीं वू अपनऽ E-2 बिल जनरेट करतै आरू माल डिस्पैच करतै। गांव कस्बा सब के हालत सोची ल॑ फेरू दिमाग लगाबऽ कि की ई संभव छै ? ई सब जानकारी लोगऽ स॑ मिललऽ फीडबैक के आधार प॑ लिखी रहलऽ छियै ।

१९ सितंबर केरऽ ख़बर छै। फाइनेंशियल एक्सप्रेस म॑ छपलऽ छै । स्टेट बैंक आफ इंडिया केरऽ रिसर्च कही रहलऽ छै कि सितंबर २०१६ स॑ ही अर्थव्यवस्था के चाल सुस्त होय गेलऽ छै आरू ई कोनो तात्कालिक संकट नै छेकै । मतलब तीन साल केरऽ मेहनत के यह॑ नतीजा निकललै ?

पिछला के पिछला शनिवार बिजनेस स्टैंडर्ड म॑ टी एन नाइनन न॑ संपादकीय लिखलकै आरू बतैलकै कि सात साल स॑ भारत केरऽ आर्थिक प्रगति एक ढर्रा प॑ चली रहलऽ छै । सरकार क॑ चेतावनी देन॑ छै। मगर टीवी चैनलऽ के ज़रिया लोग कोन मसला प॑ बात हुअ॑, एकरऽ प्रबंधन होय रहलऽ छै। जेना जेना ई संकट गहरैतै आपन॑ देखबै कि हिन्दू मुस्लिम टापिक केरऽ भरमार होय जैतै । सब्भे मुद्दा ओहे दिशा म॑ जैतै दिखतै ।

आईटी सेल वाला के भी नौकरी जैतै । वू सोचै छै कि हम्म॑ ई मंदी स॑ ख़ुश छियै । हम्म॑ हुनकऽ स्तर के मूर्ख नै छियै । मंदी स॑ हमरऽ ज़िनगी भी प्रभावित होतै । ई त॑ हम्म॑ कहिय्यो नै चाहबै कि मंदी आब॑ । नै अपनऽ लेली नै ही केखरौ आरू लेली । लेकिन जोन लोगें नोटबंदी करलकै, वू कोन विश्वविद्यालय स॑ ई आइडिया ल॑ क॑ ऐलै, कहिय्यो न कहिय्यो त॑ ई  सवाल त॑ सामने ऐतै । चाहे आपन॑ एकरा जेतना मर्ज़ी हिन्दू मुस्लिम टॉपिक स॑ ढंकी ल॑।

(मूल हिंदी पाठ http://www.hindi.indiasamvad.co.in/viewpoint/this-is-the-long-term-impact–govt-31176 स॑ साभार)