हमेशा स॑ रहलऽ छै निशाना प॑ चौथऽ पाया !

अबरी दाफी (अंगिका कॉलम) / कुंदन अमिताभ

बेंगलुरु केरऽ वरिष्ट पत्रकार गौरी लंकेश केरऽ निर्मम  हत्या स॑ सब सन्न होलऽ लौकै छै । हर जगह एकरऽ आलोचना होय रहलऽ छै । कहलऽ जाय छै कि हुनी अपनऽ साप्ताहिक पत्रिका, लंकेश पत्रिके म॑ जोन निर्भीकता आरू बेबाकी स॑ लिखै छेलै वू कट्टरपंथी विचारकऽ आरू साम्प्रदायिक राजनीति प॑ घोर कुठाराघात होय छेलै । सथ॑ वू हमेशा आम जनता केरऽ पक्ष क॑ लिखै छेलै । पानसरे, कलबुर्गी, दाभोलकर के बाद अब॑ वरिष्ठ महिला पत्रकार गौरी लंकेश केरऽ हत्या के बाद एक बार फिर स॑ जेना व्यवस्था प॑ सवाल उठी रहलऽ छै आरू साथ-साथ आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बीच घोर वामपंथी बनाम घोर दक्षिणपंथी विचारधारा केरऽ  जैन्हऽ ध्रुवीकरण होय रहलऽ छै, वू देश केरऽ सम्यक विकास लेली अत्यधिक चिंतनीय छै ।  एकरा स॑ आम जनऽ के जादा दिग्भ्रमित होय के आशंका बढ़ी जाय छै ।

गौरी लंकेश केरऽ हत्या के जेतना भी निंदा करलऽ जाय कम छै । पत्रकार केरऽ हत्या भारत ऐन्हऽ लोकतांत्रिक देश म॑ एगो महाकलंक ही मानलऽ जाय छै । लोकतंत्र केरऽ जान एकरऽ आवाज म॑ बसै छै । तभिये त॑ एकरा चौथऽ पाया कहलऽ गेलै । भारत ऐन्हऽ लोकतांत्रिक देश मं॑ आवाज केरऽ हत्या अक्षम्य होना चाहियऽ ।

कोय भी आधार के बिना केकरो प॑ हत्या के आरोप लगाय देना कोनो परिपक्वता के निशानी नै छेकै, ई जुर्म छेकै । राहुल गाँधी न॑ जेतना जल्दबाजी म॑ एक खास वर्ग प॑ आरोप लगैलकै आरू जोन तरह स॑ लगैलकै वू बेहद हैरान करै वाला छै । आखिर जहाँ हत्या होलऽ छै, वहाँ काँग्रेस केरऽ राज छेकै, त॑ शासन व्यवस्था के सही रखै के पहलऽ जिम्मेवारी त॑ काँग्रेस के बनै छै । अच्छा त॑ ई होतियै कि काँग्रेस द्वारा बयानबाजी के जग्घऽ प॑ सही जाँच प्रक्रिया तय करी क॑ त्वरित कार्रवाई प॑ ध्यान देलऽ जैतियै । वहीं ई हत्या के विरूद्ध उठी रहलऽ अवाज स॑ केंद्र सरकार केरऽ मंत्री केरऽ जे बयान ऐलै ओकरा स॑ एक तरफ त॑ ई संदेश गेलै कि सरकार ई वाक्या स॑ सचमुच म॑ बहुत आहत आरू दुःखी छै । लेकिन सथ॑ ई भी लगलै कि पत्रकार केरऽ हत्या के प्रति सरकार उतना गंभीर नै छै । नया भारत केरऽ निर्माण लेली जरूरी छै कि एगो महिला पत्रकार केरऽ जघन्य हत्या के प्रति संवेदना व्यक्त करै घड़ियाँ कहीं अधिक गंभीरता बरतलऽ जाय । नया दौर म॑ नया कहानी लिखै के जरूरत छै ।

एक अच्छा खासा वक्त गुजरला के बाद भी पानसरे, कलबुर्गी, दाभोलकर आदि केरऽ मामला मं॑ अपराधी केरऽ  खोज के काम अधूरा रहला स॑ लोगऽ बीच तरह – तरह के अफवाह फैलै के गुंजाईश बढ़ी गेलऽ छै ।  ई पहलऽ बार नै होलऽ छै कि कोनो पत्रकार केरऽ हत्या होलऽ छै । पिछला सरकार म॑ भी ऐन्हऽ हत्या होलऽ छै । हाल केरऽ कुछ वारदातऽ प॑ नजर डालला स॑ त॑ ऐसनऽ लगै छै कि ई पेशा स॑ जुड़लऽ लोगऽ के जीवन खतरा म॑ छै । २०१६ म॑ सीवान, बिहार म॑ हिंदी दैनिक हिन्दुस्तान केरऽ पत्रकार राजदेव रंजन केरऽ गोली मारी क॑ हत्या करी देलऽ गेलऽ रहै । २०१५ म॑ मध्य प्रदेश म॑ व्यापम घोटाला केरऽ कवरेज करै ल॑ गेलऽ ‘आजतक’ केरऽ विशेष संवाददाता अक्षय सिंह केरऽ संदिग्ध परिस्थिति म॑ मौत होय गेलऽ रहै । २०१५ म॑ ही मध्य प्रदेश म॑ बालाघाट जिला म॑ अपहृत पत्रकार संदीप कोठारी क॑ जिंदा जलाय देलऽ गेलऽ रहै । साल २०१५ म॑ ही उत्तर प्रदेश केरऽ शाहजहांपुर म॑ पत्रकार जगेंद्र सिंह क॑ जिंदा जलाय देलऽ गेलै । आंध्रप्रदेश केरऽ वरिष्ठ पत्रकार एमवीएन शंकर क॑ २०१४ क॑ हत्या करी देलऽ गेलै । २०१४ क॑ ओडिसा केरऽ स्थानीय टीवी चैनल केरऽ स्ट्रिंगर तरुण कुमार केरऽ बड़ा बेरहमी स॑ हत्या करी देलऽ गेलै । २०१३ म॑ मुजफ्फरनगर दंगा के दौरान नेटवर्क १८ केरऽ पत्रकार राजेश वर्मा केरऽ गोली लगला स॑ मौत होय गेलै । महाराष्ट्र केरऽ पत्रकार आरू लेखक नरेंद्र दाभोलकर केरऽ २०१३ क॑ मंदिर केरऽ सामने बदमाशऽ न॑ गोली स॑ भूनी डाललकै । २०१२ क॑ रीवा म॑ मीडिया राज केरऽ रिपोर्टर राजेश मिश्रा केरऽ कुछ लोगऽ न॑ हत्या करी देलकै । मिड डे अखबार केरऽ मशहूर क्राइम रिपोर्टर ज्योतिर्मय डे केरऽ २०११ क॑ हत्या करी देलऽ गेलै । डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम केरऽ खिलाफ आवाज बुलंद करै वाला पत्रकार रामचंद्र छत्रपति क॑ २००२ म॑ सिरसा म॑ हत्या करी देलऽ गेलै ।

एकरा म॑ कोय शक नै छै कि अपनऽ देश के  सरकार काफी मजगूती स॑ हर तरह के समस्या के समाधान मजबूत इच्छाशक्ति स॑ निकाल॑ म॑ सक्षम छै । बहुत तरह के कल्याणकारी योजना केरऽ कार्यान्वयन के साथ-साथ नोटबंदी, जी.एस.टी आदि बहुत तरह के उदाहरण सौसे देश के सामने मोजूद छै । हाल केरऽ कई चुनाव-उपचुनाव म॑ भी विजयी बनाय क॑ आम जनता न॑ अपनऽ विशवास केंद्र सरकार आरू अपनऽ प्रिय प्रधानमंत्री के प्रति बार-बार दरसैल॑ छै । आमजनऽ के बीच लोकप्रिय होला स॑ लोगऽ क॑ ई सरकार स॑ बहुत अपेक्षा छै ।  ‘सबका साथ – सबका विकास’, ‘बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ’ जैसनऽ सरकार केरऽ नीति भी सही मायने म॑ तभिये सफल होतै जब॑ देशवासी म॑ आपसी सद्भावना बनलऽ रहतै । जरूरत छै कि प्राथमिकता तय करी क॑ प्रतिबद्धता के साथ अपराधी क॑ पकड़ी क॑ ओकरा कठिन स॑ कठिन सजा देलऽ जाय, जेकरा स॑ आबै वाला समय म॑ ऐन्हऽ कुकृत्य दोहराबै के कोय हिम्मत नै कर॑ पार॑ ।