दूर फलक प॑ कासिनी केरऽ तमाम यात्रा के आरंभ !

अबरी दाफी (अंगिका कॉलम) / कुंदन अमिताभ

आय स॑ बीस साल पहिन॑ सन १९९७ ई. म॑ धरती स॑ सरंग दन्न॑ एगो रॉकेट दागी क॑ कैसिनी-होयगेन्स नाम केरऽ एगो अंतरिक्ष-मिशन केरऽ शुरूआत करलऽ गेलऽ रहै । ‘नासा’, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) आरू इटली केरऽ अंतरिक्ष एजेंसी एजेंजिया स्पेजियेल इतालियाना (एएसआई) केरऽ संयुक्त प्रयास स॑ कैसिनी क॑ शनि केरऽ अध्ययन लेली प्रक्षेपित करलऽ गेलऽ रहै । ई मिशन म॑ शनि केरऽ इर्द-गिर्द के कक्षा (ऑरबिट) म॑ घूमै वाला एगो कृत्रिम उपग्रह, कैसिनी आरू शनि केरऽ सबस॑ बड़ऽ चन्द्रमा टाइटन प॑ उतरै वाला एगो अंतरिक्ष यान, होयगेन्स शामिल रहै ।

सन २००४ म॑ अंतरिक्ष यान, होयगेन्स, मुख्य कैसिनी स॑ अलग होय क॑  शनि केरऽ उपग्रह टाइटन प॑ उतरलै। शुरू म॑ योजना छेलै कि कैसिनी सन् २०१५ तलक शनि के परिक्रमा करी क॑ ओकरऽ तस्वीर लेत॑ रहतै आरू ओकरा प॑ जानकारी एकत्रित करी क॑ धरती प॑ भेजत॑ रहतै । ओकरऽ बाद २०१५ म॑ ही ओकरा शनि केरऽ जटिल व भयावह वायुमंडल म॑ गिराय क॑ ध्वस्त करी देलऽ जैतियै । लेकिन चूँकि ईंधन शेष छेलै ई लेली एकरा नष्ट करै के समय सीमा २०१७ ई. तलक बढ़ाय देलऽ गेलै ।

वैज्ञानिकऽ के ऐसनऽ मानना छेलै कि ईंधन खत्म होय चुकलऽ ई यान क॑ जों ऐन्हैं छोड़ी देलऽ जाय छै त॑ ओकरऽ शनि के चंद्रमा टाइटन या फिर पॉलीड्यूसेस स॑ टकराबै के आशंका छेलै । वैज्ञानिकऽ के अनुसार हुनी सब ऐसनऽ नै चाहै छेलै कैन्हेंकि शनि केरऽ ई दूनू चंद्रमा प॑ जीवन केरऽ अंश होय के प्रबल संभावना छै जेकरा कोनो तरह के नुकसान पहुंचाबै के खतरा वू नै उठाबै ल॑ चाहै छेलै ।

ई लेली तीन अरब डालर केरऽ अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के कैसिनी अंतरिक्षयान क॑ जानी बूझी क॑ शनि केरऽ वायुमंडल म॑ प्रवेश करैलऽ गेलै । एकरा स॑ एक साथ दू उद्देश्य पूरा होलै । एक त॑ जानी-बूझी क॑ कोनो दोसरऽ ग्रह केरऽ जीव-जंतु केरऽ जीवन क॑ कोनो नुकसान नै हुअ॑ देलऽ गेलै । साथ-साथ शनि केरऽ वायुमंडल म॑ प्रवेश कराय क॑ एगो ऐन्हऽ बड़ऽ वैज्ञानिक उपलब्धि हासिल करलऽ गेलै जेकरा स॑ अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में आगू के रस्ता तय करै लेली नया तरह के जानकारी प्राप्त करलऽ गेलऽ छै ।

अपनऽ २० वर्षऽ के अनवरत अंतरिक्ष यात्रा के दौरान सौर मंडल केरऽ तेसरऽ सबस॑ बड़ऽ ग्रह शनि आरू ओकरऽ रहस्मय वलय व चंद्रमा सब केरऽ अहम जानकारी जुटाबै वाला कासिनी न॑ ११ लाख ३० हजार किलोमीटर प्रति घंटा के तेज रफ्तार के साथ शनि केरऽ वायुमंडल म॑ प्रवेश करलकै आरू चंद सेकेंड म॑ जली क॑ ध्वस्त होय गेलै ।

शनि केरऽ वायुमंडल म॑ अपनऽ अंतिम यात्रा शुरू करै के साथ कासिनी न॑ भारतीय समयानुसार १३ सितंबर क॑ शाम पांच बजे शनि आरू ओकरऽ वायु मंडल केरऽ अंतिम तस्वीर आरू रेडियो सिग्नल धरती प॑ भेजलकै ।शनि ग्रह स॑ ई आखिरी संदेश नासा केरऽ आस्ट्रेलिया म॑ कैनबरा स्थित डीप स्पेस सेंटर तलक पहुँचै म॑ एक घंटा २३ मिनट लगलै। शनि स॑ पृथ्वी केरऽ दूरी एक अरब मील होला के कारण प्रकाश केरऽ गति स॑ पृथ्वी पर पहुंचै म॑ भी ओकरा एतना समय लगलै।

कासिनी न॑ ११ लाख ३० हजार किलोमीटर प्रति घंटे केरऽ तेज रफ्तार के साथ शनि केरऽ वायुमंडल म॑ प्रवेश करलकै आरू  चंद सेकेंड म॑ जली क॑ खतम होय गेलै । पन्द्रह अक्टूबर १९९७ म॑ अमेरिका केरऽ फ्लोरिडा स्थित अंतरिक्ष केन्द्र स॑ रवाना होलऽ कासिनी न॑ ३० जून २००४ ई. क॑ देर रात शनि केरऽ कक्षा म॑ प्रवेश करल॑ छेलै । जेकरऽ बाद वू १३ बरस तलक ई ग्रह केरऽ इर्द-गिर्द घूमत॑ रहलै। ई दौरान कासिनी न॑ शनि केरऽ सात नया चाँद- मिथोन,पैलीन,पॉलीड्यूसेस,डैफनिस,एंथे,ऐगियोन आरू एस-२००९ केरऽ खोज करलकै ।

कासिनी न॑ शनि केरऽ विशिष्ट पहचान मानलऽ जाय वाला ओकरऽ वलयऽ के भी अनेक राज खोललकै आरू ओकरऽ अहम आँकड़ा पृथ्वी पर भेजलकै । शनि केरऽ सबस॑ बड़ऽ चंद्रमा टाइटन पर तरल मिथेन केरऽ समुद्र होय के पता भी पहलऽ बार कासिनी स॑ ही लगलै । कासिनी के साथ हायंगेस नाम के जे एगो शेाध यान भेजलऽ गेलऽ छेलै वू २५ दिसंबर २००४ क॑ ओकरा स॑ अलग होय क॑ १४ जनवरी २०१५ क॑ टाइटन प॑ उतरलऽ छेलै, लेकिन तकनीकी खामी के कारण कुछ समय बाद ही निष्क्रिय होय गेलऽ रहै ।

शनि केरऽ बारे में अहम जानकारी जुटाबै के साथ-साथ कासिनी न॑ अंतरिक्ष म॑ ७.९० अरब किलोमीटर केरऽ लंबा यात्रा के दौरान अनेक आरू ग्रहऽ के बारे म॑ भी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करलकै आरू कुल ४.५३ लाख तस्वीर पृथ्वी पर भेजलकै । वर्ष १९९८ ई. म॑ वू शुक्र ग्रह के लगीच स॑ गुजरलै आरू ओकरऽ गुरुत्वाकर्षण केरऽ जानकारी जुटैलकै । वर्ष २००० म॑ वू वृहस्पति ग्रह के लगीच स॑ गुजरलै आरूओकरऽ २६ हजार महत्वपूर्ण तस्वीर उतारलकै।

कासिनी अभियान केरऽ प्रबंधक अर्ल मेज न॑ ठीक ही कहल॑ छै कि कासिनी, भौतिक रूप स॑ भले खतम होय गेलऽ छै लेकिन ओकरऽ द्वारा जुटैलऽ गेलऽ जानकारी ओकरा हमेशा जिंदा रखतै । भविष्य में शनि ग्रह से जुड़े शोध कासिनी से मिली जानकारियों के भरोसे ही आगे बढ़ेंगे।

इतालवी,यूरोपीय आरू अमेरिकी अंतरिक्ष एंजेसी केरऽ साझा सहयोग स॑ निर्मित ई यान केरऽ नामकरण प्रसिद्ध इतालवी-फ्रांसिसी खगोलविद् जियोविनी डोमेनिको कासिनी केरऽ नाम पर करलऽ गेलऽ रहै । शनि केरऽ बारे म॑ जेतना जानकारी ई यान ने भेजलकै ओतना आरू कोय आय तलक नै भेज॑ सकल॑ छै।

दूर फलक प॑ कासिनी केरऽ यात्रा अभी तमाम नै होलऽ छै बल्कि ई गहन अंतरिक्ष म॑ आगू केरऽ यात्रा लेली एगो नया आरंभ छेकै !