संविधान की आठवीं अनुसूची में अंगिका सहित 38 भाषाओं को शामिल करने की मांग

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस : देश ही नहीं विदेशों में भी फैली है भोजपुरी की मिठास
Feb 21, 2018 | 19:15 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

नई दिल्ली : एक रिपोर्ट के मुताबिक भोजपुरी भारत में 37.8 मिलियन लोग बोलते हैं। बिहार, यूपी सहित देश के पूर्वांचल में सबसे ज्यादा बोली जानेवाली भाषा भोजपुरी है। दरअसल भोजपुरी एक सरल भाषा है जिसमें ज्यादातर शब्द हिंदी के ही इस्तेमाल होते हैं। संविधान की आठवीं अनुसूची में भोजपुरी को भले ही स्थान नहीं मिल पाया हो लेकिन इस भाषा का परचम विदेशों में भी लहराता है। मॉरीशस में भोजपुरी पढ़ाई तक जाती है। भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग लंबे समय से हो रही है और सरकार इस पर विचार भी कर रही है। गौर हो कि हर साल 21 फरवरी को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है। यूनेस्को ने 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस घोषित किया है। इसका मुख्य मकसद विश्व में आपसी भाईचारे को बढ़ाने व संस्कृति के आदान-प्रदान में भाषाओं का बेहद योगदान होता है।

कहां-कहां बोली जाती है भोजपुरी
वैसे तो देश में भोजपुरी बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश में प्रमुखता से बोली जाती है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के सभी हिस्सों में भोजपुरी बोलने वाले मिल जाएंगे। नेपाल में भोजपुरी 1.7 मिलियन लोग बोलते हैं और यह वहां नेपाली भाषा के बाद सबसे ज्यादा बोली जाने वाली दूसरी भाषा है। मॉरीशस में भोजपुरी 336,000 लोग बोलते हैं। वहां के स्कूलों और मीडिया में भी इस भाषा का भरपूर इस्तेमाल होता है। किसी को भोजपुरी आती हो और अगर वह मॉरीशस जाता है संवाद के सिलसिले में वहां दिक्कत नहीं होगी। विश्व में करीब 8 देश ऐसे हैं, जहां भोजपुरी धड़ल्ले से बोली जाती और सुनी जाती है।
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विदेशों में भी बजता है भोजपुरी की मिठास का डंका
मॉरीशस हिंद महासागर और मेडागास्कर के पूर्व मे स्थित एक सुंदर द्वीपीय देश है। इस देश में बड़ी संख्या में भोजपुरी बोली जाती है। 14 जून 2011 को मॉरीशस की संसद में भोजपुरी को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया जा चुका है। सुरीनाम दक्षिण अमरीका महाद्वीप के उत्तर में स्थित एक देश है। इस देश में भी भोजपुरी बोलने वालों की कोई कमी नहीं है। गुयाना में भोजपुरी बोले जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण यहां के भारतीय मूल के निवासी हैं। टोबैगो गणराज्य कैरिबियाई सागर में स्थित है। इस देश में भी भोजपुरी भाषियों की कोई कमी नहीं है। फिजी एक द्वीपीय देश है। भोजपुरी फिजी की आधिकारिक भाषाओं में से एक है। यहां भोजपुरी को फिजियन हिंदी या फिजियन हिन्दुस्तानी के नाम से जाना जाता है।

कैसे बनी भोजपुरी
जानकारों के मुताबिक बिहार के आरा जिले से भोजपुरी भाषा का विकास हुआ। मध्य काल में मध्य प्रदेश के उज्जैन से भोजवंशी परमार राजा आकर आरा में बस गए। उन्होंने अपनी इस राजधानी को अपने पूर्वज राजा भोज के नाम पर रखा था। इसी वजह से यहां बोले जाने वाली भाषा का नाम ‘भोजपुरी’ पड़ गया। यानी इस भाषा का नाम राजा भोज के नाम पर पड़ा। आज भोजपुरी सिनेमा करीब 30,000 करोड़ रुपये की हो गई है। टीवी के 52 चैनल सिर्फ भोजपुरी के ही हैं। अमेरिका, इंग्लैंड जैसे देशों के पबों में ‘तू लगावे लु जब लिपिस्टिक’ सुनना कोई आम बात नहीं है।

संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग
देश की अनेक बोलियों के विलुप्ति के कगार पर पहुंचने संबंधी युनेस्को की रिपोर्ट के मद्देनजर सांसदों, शिक्षाविदों और साहित्यकारों ने सरकार से देशज बोलियों और भाषाओं के संरक्षण और प्रोत्साहन की मांग की है और भोजपुरी, राजस्थानी, भोटी जैसी बोलियों को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की है। यह मांग काफी समय से विचाराधीन है। 38 भाषाओं का मुद्दा मंत्रालय के विचाराधीन है जिन्हें संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की गई है। इनमें अंगिका, बंजारा, बज्जिका, भोजपुरी, भोटी, भोटिया, बुंदेलखंडी, गढ़वाली, गोंडी, गुज्जर, खासी, कुमाउंनी, लेप्चा, मिजो, मगही, नागपुरी, पाली, राजस्थानी आदि शामिल हैं।

भोजपुरी, राजस्थानी, बज्जिका, भोटी जैसी बोलियों को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के बारे में केंद्र एवं राज्य सरकारों के आश्वासनों के अब तक पूरा नहीं होने के मद्देनजर कई बार विभिन्न स्तरों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल के मुताबिक भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की लंबे समय से मांग की जा रही है। इस मांग को लेकर भोजपुरी भाषी लोग काफी समय से प्रयासरत हैं। अनेक अवसरों पर सरकार से इसके लिए आश्वासन प्राप्त हुए हैं। भोजपुरी समाज के अध्यक्ष अजीत दूबे ने कहा कि भोजपुरी, राजस्थानी, भोंटी संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल होने की सभी अर्हता पूरी करती हैं। ऐसे में इन भाषाओं को जल्द मान्यता प्रदान किए जाने की जरूरत है। पूर्वांचल के लोगों के लिए भोजपुरी काफी महत्वपूर्ण विषय है। दूबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बनारस से सांसद बनने के बाद 20 करोड़ भोजपुरी भाषी लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

(Source – http://hindi.timesnownews.com/india/article/international-mother-language-day-21-february-bhojpuri-8th-schedule-mauritius/201362)