बिहार सीएम सचिवालय के आदेश के बावजूद अंगिका अकादमी को दफ्तर नहीं

सीएम सचिवालय ने 15 दिन में कहा, डेढ़ माह में भी दफ्तर नहीं : दैनिक भास्कर

पटना, २६ जून,२०१७ । बिहारअंगिका अकादमी के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) लखन लाल सिंह आरोही को मार्च तक का मानदेय मिल गया। अगस्त 2015 में इन्होंने अध्यक्ष पद पर ज्वाइन किया था। इसके बाद से लगातार मानदेय बकाया था। डीबी स्टार में 13 अक्टूबर 2016 को प्रकाशित खबर फाइलमें अकादमी रोड पर अध्यक्ष में यहभी बताया गया था कि इन्हें मानदेय नहीं मिल रहा है। अब इन्हें 20 महीने का मानदेय अन्य खर्च सहित 10 लाख 80 हजार दिया गया है। 50 हजार रुपए मासिक मानदेय निर्धारित है। सरकार ने इन्हें मानदेय तो दे दिया, अकादमी को प्रभारी निदेशक भी दे दिया गया लेकिन अब तक कार्यालय नहीं दिया है। बड़ी बात यह कि मुख्यमंत्री सचिवालय का निर्देश भी अब तक लागू नहीं हुआ है।

अध्यक्ष आरोही ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी व्यथा रखी थी कि कार्यालय नहीं मिलने की वजह से अकादमी अपना उद्देश्य पूरा नहीं कर पा रहा है। डीबी स्टार की प्रति भी संबंधित अफसरों की फाइल में पहुंच गई। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार उनके अवर सचिव अमरेन्द्र कुमार ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन को लिखा कि एक पक्ष यानी पंद्रह दिन के अंदर कार्यालय उपलब्ध कराया जाए। 24 अप्रैल 2017 को यह पत्र दिया गया। इसके बाद शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने 05 मई 2017 को इसे जन शिकायत को भेजा और फिर जन शिकायत से यह पत्र उच्च शिक्षा के निदेशक को 22 जून को मिला। 15 दिन में जो कार्यालय दिलाया जाना था, अब तक नहीं दिलाया गया है।

बेकारगया भाड़े का मकान खोजना भी

इससेपहले विभाग के प्रधान सचिव ने कार्यालय के लिए अंगिका अकादमी के अध्यक्ष को मकान भाड़ा पर देखने के लिए कहा था। उन्होंने मकान देखा भी, लेकिन दो महीने के इंतजार के बाद भी जब एग्रीमेंट नहीं हुआ तो मकान मालिक ने मकान दूसरे को दे दिया। शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कार्यालय के लिए शीघ्र कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया था। उच्च शिक्षा के निदेशक ने बिहार हिन्दी ग्रंथ अकादमी और बिहार राष्ट्रभाषा परिषद् को पत्र लिख कर पूछा था कि अंगिका अकादमी के कार्यालय के लिए उनके यहां जगह है क्या? जवाब आया अतिरिक्त जगह नहीं है।

अकादमी का काम नहीं कर पा रहा हूं

मुख्यमंत्रीसचिवालय से आदेश के बावजूद कार्यालय नहीं उपलब्ध नहीं हुआ है। मेरी जानकारी के अनुसार 25 अप्रैल 2017 को मुख्यमंत्री सचिवालय से विभाग को पत्र लिखा गया है। जिन उद्देश्यों के लिए अकादमी की स्थापना की गई, उसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है। कार्यालय और स्टाफ की कमी की वजह से अकादमी की कार्य योजना पूरी नहीं हो पा रही है मैं तो लगातार आग्रह ही कर रहा हूं। प्रो.(डॉ.) लखन लाल सिंह आरोही, अध्यक्ष, बिहार अंगिका अकादमी

(Source: https://www.bhaskar.com/news/BIH-PAT-HMU-MAT-latest-patna-news-041002-2883348-NOR.html )