प्राथमिक विद्यालय केहनीचक परिसर में अंगिका हास्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया

बांका,१३जून,२०१६। क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय केहनीचक परिसर में अंगिका हास्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें चुनावी रंग कवि के संग के तहत अंगिका के नामचीन कवियों ने जलवा बिखेरा। वहीं केहनीचक ग्रामवासियों ने भी देर रात तक इसमें खूब हंसी ठहाके लगाए। इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन संयोजक डा. विजय कुमार, एम्बीशन पब्लिक स्कूल के निदेशक कौशल कुमार, युवा विकास कला मंच के विपिन साह ने दीप प्रज्वलित कर किया। कौशल ने अपने संबोधन में कहा कि आज लोग गांव से दूर शहर में रहकर भौतिकवाद के चकाचौंध में अपना भाषा बोलने से भी कतराते हैं। जबकि अपने भाषा भाषी में बातचीत करने का एक अलग ही आनंद है। बताया कि अंगिका भाषा के प्रयोग से लोगों के मन में अपनापन का भाव महसूस होता है। इस तरह के कार्यक्रम से आपस में सामंजस्य स्थापित होता है। डा. विजय ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम से न सिर्फ आपसी तालमेल बढ़ता है,बल्कि हंसी ठहाके से लोगों का मनोविकार दूर होता है। इसके अलावा काव्यतीर्थ रामधारी ¨सह, विपिन साह ने भी लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन कवि एसके प्रोग्रामर ने ग्रामीण हालातों को देखते हुए अपनी कविता पाठ से संदेश दिया। सांझ लेली तेल नै छै डिबिया विरान हो, कोनी मुंह से कहिये हम्म: भारत महान हो। कविता पाठ करने पर आए अखिल भारतीय हास्य कवि संघ के महामंत्री हीरा प्रसाद हरेन्द्र ने नशा चुनावों के जब चढलै, बहकी गेलै भैरो तितली से श्रोताओं को उत्तेजित किया। बगुला मंच के संस्थापक रामावतार राही ने अंगुठा छाप बनलै मुखिया एक बात से सीयै बोरिया, लुच्चा के नौकर इंसान जय श्रीराम जय हनुमान.. सुनाया। वहीं गीतकार भगवान प्रलय ने कांटा गड़ा पर आधारित गीत सुनाया। युवा कवि विकास ¨सह गुलटी ने अपनी कविता के माध्यम से बताया कि अंग देश की यह धरती स्वर्ग से भी सुन्दर है। इसके अलावा कवि कपिलदेव कृपाला, ब्रह्मदेव ¨सह लोकेश, अशोक झंझटिया,रामधारी ¨सह ने कविता पाठ किया। सुधीर कुमार प्रोग्रामर ने नाटकीय अंदाज में श्रोताओं को एक मिनट हिलने नहीं दिया।

(http://www.jagran.com/bihar/banka-14151925.html)