अंगिका हमारी मातृभाषा है -गायिका इंदु सोनाली

संगीत से सजा उठा छठ पर्व का उत्साह

मनीष चंद्र मिश्र

भोपाल :”भोजपुरी गानों से मेरी पहचान है, लेकिन कुछ साल पहले तक मैं भोजपुरी नहीं जानती थी। भागलपुर से हूं और अंगिका हमारी मातृभाषा है। गायकी की वजह से कई भाषाओं का ज्ञान हो गया है। भोजपुरी भाषा में मैं अपना आदर्श गायिका शारदा सिन्हा को मानती हूं। छठ पर्व के हजारों गाने बने हैं, लेकिन उनके जैसा गाना आज तक किसी ने नहीं गया। उनका गाना जब भी बजता है, सुनकर लगता है छठ के घाट पर जा बैठे हों। मैंने भी छठ के गाने गाए हैं, लेकिन कार्यक्रम में अगर छठ गीत गाना हो तो शारदा जी का गाना ही गाती हूं।’ यह कहना है 500 से अधिक भोजपुरी गीतों में अपनी आवाज देने वाली मशहूर गायिका इंदु सोनाली का। वह रविवार को भोजपुरी महोत्सव में प्रस्तुति देने भोपाल आईं थी। उन्होंने भोजपुरी भाषा में “रेल गड़िया चलाते हैं बलमवा’, “लहरिया लूटे ये राजा”, “कहां जाइब ए राजा नजरिया लड़ाइके’ जैसे कई गाने गाए हैं। उन्होंने भोजपुरी फिल्म और गानों की अभद्रता के बारे में बताया कि “अब पहले की तरह भोजपुरी फिल्मों के गीत अश्लील नहीं रहे। मैं तो कहूंगी अश्लीलता बिल्कुल खत्म हो गई है। एलबम बनाने वाले, जिन पर सेंसर की नजर नहीं है वे अश्लीलता फैला रहे हैं। जिससे भोजपुरी भाषा की बदनामी हो रही है। मैं अपने गानों का मतलब समझकर ही गाती हूं, और खराब मतलब वाले गाने नहीं गाती।’

भोजपुरी उत्सव की दूसरी शाम को भोजपुरी गायिका इंदु सोनाली ने अपने सुरों से सजाया। इस दौरान उन्होंने छठ पर्व से जुड़े कई गाने सुनाए।

(https://www.bhaskar.com/news/MP-BPL-HMU-MAT-latest-bhopal-news-021504-3028424-NOR.html)