भोजपुरी, मगही व अंगिका को द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने की बात से बोकारोवासियों में हर्ष

बोकारोवासियों ने भाषा को सम्मान देने के लिए जताया सरकार का आभार

By Prabhat Khabar | Updated Date: Feb 13 2018 9:33AM

बोकारो : बहुत दिन से डिमांड होत रहे…सरकार के फैसला ठीक हई…सरकार बहुत अच्छा काम करने छै… झारखंड में भोजपुरी, मगही व अंगिका को द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने की बात का बोकारो के भोजुपरी, मगही व अंगिका भाषियों ने कुछ इसी अंदाज में अपनी खुशी जाहिर की. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिया है. कैबिनेट की अगली बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव लाया जायेगा.

नौकरियों में मिलेगा फायदा : भोजपुरी, मगही व अंगिका भाषा को दूसरे राजभाषा का दर्जा दिया गया, तो बिहार से सटे राज्य के बोकारो सहित कई जिलों में रहने वाले लोगों को नौकरियों में इसका फायदा मिलेगा. वर्तमान में बांग्ला, उर्दू व ओडि़या को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्राप्त है.
इसके अलावा नौ जनजातिय भाषा, संथाली, मुंडाली, खडि़या, हो, कुरमाली, खोरठा, नागपुरी, पंचपरगनिया, कुरूख को भी इसमें शामिल किया गया है.

बोकारो में है अच्छी संख्या : बोकारो में भोजपुरी, मगही व अंगिका भाषा-भाषी लोगों की अच्छी-खासी संख्या है. बोकारो स्टील प्लांट समेत सीसीएल, डीवीसी, बीसीसीएल व जिला प्रशासन और पुलिस में इनकी अच्छी संख्या है. भोजपुरी, मगही व अंगिका को द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने की डिमांड लंबे अरसे से की जा रही थी. भोजपुरिया परिवार सहित अन्य संबंधित संगठन इसके लिए सक्रिय भी थे.

(Source – https://www.prabhatkhabar.com/news/bokaro/story/1122646.html)