भागलपुर : अंगिका केरऽ लोकप्रिय साहित्यकार दिवंगत डॉ. नरेश पाण्डेय चकोर केरऽ स्मृति मं॑ बाथू थाना केरऽ करहरिया गाँव स्थित देवी प्रसाद महतो उच्च विद्यालय मं॑ २० फरवरी – २०१६ ई. क॑ आयोजित एकदिवसीय अंगिका महोत्सव – २०१६ संपन्न होय गेलै । जाह्न्वी अंगिका संस्कृति संस्थान, पटना आरो अंगिका.कॉम, मुंबई केरऽ संयुक्त तत्वाधान मं॑ आयोजित ई कार्यक्रम मं॑ लोगऽ के भारी संख्या मं॑ उपस्थिति के बीच लगभग २४ अंगिका साहित्यकारऽ न॑ महोत्सव क॑ संबोधित करलकै आरो अंगिका कविता के पाठ करलकै । महोत्सव मं॑  अंगिका भाषा केरऽ मासिक पत्रिका, ‘अंग माधुरी’ केरऽ ४७वाँ बरस के प्रवेसांक केरऽ लोकारपन भी होलै ।

आपनऽ अध्यक्षीय उदगार मं॑ डॉ.(प्रो.) लखन लाल सिंह ‘आरोही’, माननीय अध्यक्ष – बिहार अंगिका अकादमी न॑ कहलकै कि अंगिका भासा बोलतं॑ रहै लेली आपनऽ भासा के प्रति हीन भावना सं॑ निजात पाबै के जरूरत छै । हुनी कहलकै कि अंगिका मं॑ उत्कृस्ट लेखन सं॑ लिखै वाला क॑ नोबेल पुरस्कार मिल॑ सकै छै । हुनी कहलकै कि हुनी प्राइमरी स्कूली मं॑ माध्यम भासा के रूप मं॑ अंगिका भासा क॑ सामिल करै के प्रयास करतै । हुनी ई क्रम मं॑ बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतिश कुमार निवेदन करी चुकलऽ छऽत ।हुनका अनुसार हर फरवरी माह मं॑ पटना मं॑ आयोजित होय वाला लोक नाट्य महोत्सव मं॑ अंगिका भासा मं॑ नाटक के मंचन करै वाला क॑ लाख रूपया रासि के लगभग के अनुदान दै केरऽ व्यवस्था बिहार सरकार के तरफ सं॑ करलऽ गेलऽ छै ।

आपनऽ अभिवादन भासन मं॑ अंग माधुरी के संपादक, अंगिका.कॉम के संस्थापक संपादक श्री कुंदन अमिताभ, न॑ कहलकै कि अंगिका भासा क॑ जब तलक संविधान केरऽ अस्टम अनुसूची मं॑ जग्घऽ नै देलऽ जाय छै तब तलक अंगिका भासा भासी सचमुच मं॑ देस केरऽ आजादी क॑ सही मायने मं॑ महसूस नै कर॑ सकतै । हुनी लोगऽ क॑ सब भासा क॑ सम्मान के नजर सं॑ देखै के आग्रह करतं॑ हुअ॑ कहलकै कि अंगिका दुनिया केरऽ एगो बेहतरीन भासा मं॑ स॑ छै । हर अंगिका भासा – भासी के प्रयास रहना चाहियऽ कि एकरा बोलै मं॑ कोनो तरह के संकोच नै कर॑ । हुनी कहलकै कि हर घरऽ मं॑ अंगिका भासा बोलतं॑ रहै लेली बच्चा सब क॑ प्रोत्साहित करना चाहियऽ । अंगिका भासा क॑ सम्मान के नजर सं॑ देखै के जरूरत पर बल देलकै । हुनी कहलकै कि अंग्रेजी सासन खतम होला के  बाद भी  आजाद भारत मं॑ एक साजिस के तहत अंगिका भासा के साथ उपेक्षापूर्न व्यवहार होय रहलऽ छै । हुनी लोगऽ के आह्ववान करतं॑ कहलकै कि आपनऽ भासा के रक्षा लेली आगू आबऽ ।  धन्यवाद ज्ञापित करतं॑ कार्यक्रम के संयोजक श्री कुंदन अमिताभ न॑ कहलकै कि केवल एक दिना के सूचना पर बिना कोनो प्रचार के एत्त॑ भारी संख्या मं॑ लोगऽ सिनी के उमड़लऽ भीड़ ई बात के प्रमान छेकै कि लोग सिनी अंगिका भासा क॑ कितना जादा चाहै छै ।

समारोह क॑ विशिष्ट अतिथि -डॉ. रामस्वरूप सिंह, मुख्य अतिथि – श्री हीरा प्रसाद हरेन्द्र, श्री विजेता मुदगलपुरी, श्री साथी सुरेश सूर्य, श्री महेन्द्र निशाक र आरनी के अलावाश्री अरविंद कुमार मुन्ना, श्री अनुरंजन कुमार सिंह, जाह्न्वी अंगिका संस्कृति संस्थान के श्री विधुशेखर विभाकर न॑ भी संबोधित करलकै आरो लोगऽ स॑ अंगिका भासा के विकास लेली एकरा सम्मान के दृस्टि सं॑ देखै के आग्रह करलकै ।

एकरऽ पहिन॑ समारोह के उदघाटन डॉ.(प्रो.) लखन लाल सिंह ‘आरोही’, माननीय अध्यक्ष – बिहार अंगिका अकादमी न॑ दीप प्रज्वलित करी क॑ करलकै । तत्पश्चात् श्री कुंदन अमिताभ न॑ डॉ.(प्रो.) लखन लाल सिंह ‘आरोही’, माननीय अध्यक्ष – बिहार अंगिका अकादमी क॑ अंग वस्त्र, पुस्पमाला आरो पुस्पगुच्छ सौंपी क॑ सम्मानित करलकै ।श्री विधुशेखर पाण्डेय न॑ विशिष्ट आरो मुख्य अतिथि सिनी क॑ पुस्पगुच्छ सौंपी क॑ सम्मानित करलकै ।

अंत मं॑ एगो विराट अंगिका कवि सम्मेलन भी होलै जेकरा मं॑ देस केरऽ कोना – कोना मं॑ बसलऽ अंगिका के लगभग दू दर्जन कवि सिनी न॑ हिस्सा लेलकै । अंगिका कविता पाठ करै वाला प्रमुख कविगन मं॑ सामिल छेलात:

डॉ.(प्रो.) लखन लाल सिंह ‘आरोही’, श्री हीरा प्रसाद हरेन्द्र, श्री साथी सुरेश सूर्य, श्री विजेता मुदगलपुरी, श्री सुधीर कुमार प्रोग्रामर, श्री साथी इन्द्रदेव, श्री अनिल यायावर, श्री अरविन्द कुमार मुन्ना,श्री नवीन निकुंज,  श्री मनीष कुमार गुंज, श्री सदानन्द किरणपुरी, श्री महेन्द्र निशाकर, श्री विधुशेखर पाण्डेय, श्री ब्रह्मदेव प्रसाद लोकेश, श्री अंजनी कुमार शर्मा, श्री अनुपलाल सिंह ‘अनुपम’, श्री कुंदन अमिताभ आदि ।

उच्च विद्यालय केरऽ छात्रा ममता कुमारी, संजू कुमारी, लक्षमी कुमारी, अंजली कुमारी, मोना कुमारी आरनि न॑  सरस्वती गान, स्वागत गान आरो विदाई गीत प्रस्तुत करलकै ।

उदघाटन आरो उदबोधन सत्र के मंच संचालन प्रो. नवीन निकुंज करलकात जबकि अंगिका कवि सम्मेलन सत्र के संचालन श्री सुधीर कुमार ‘प्रोग्रामर’ करलकात ।

महोत्सव के आयोजन मं॑ प्रमुख सहयोगी छेलात रसीदपुर गाँव के डॉ. अरविंद कुमार सिंह, आरो कटहरा के श्री अनुरंजन कुमार सिंह ।

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