भागलपुर: देस-विदेस केरऽ कोय भी कोना मं॑ रही क॑ अंगिका भाषा के पढ़ाय करै के सपना अब॑ जल्दिये हकीकत बनै ल॑ जाय रहलऽ छै । बिहार स्थित नालंदा खुला विश्वविद्यालय न॑ अंगिका भाषा के पढ़ाय लेली दिलचस्पी देखैन॑ छै । ई सिलसिला मं॑  बिहार अंगिका अकादमी केरऽ अध्यक्ष प्रो (डॉ.) लखनलाल सिंह आरोही स॑ नालंदा खुला विश्वविद्यालय केरऽ कुलपति प्रो रासबिहारी सिंह न॑ प्रस्ताव मांगल॑ छै । हालाँकि एकरऽ पहल॑ लगभग एक दशक पहलं॑ तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय मं॑ अंगिका के पढ़ाय लेली स्नातकोत्तर विभाग खुललऽ छै ।
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय मं॑ कुलपति रामाश्रय यादव केरऽ कार्यकाल मं॑ अंगिका विभाग खोललऽ गेलऽ छेलै ।   आरू अब॑ नालंदा खुला विश्वविद्यालय मं॑ अंगिका के पढ़ाई के संभावना बनी रहलऽ छै ।  ऐना मं॑ नालंदा खुला विश्वविद्यालय दोसरऽ विश्वविद्यालय होतै, जहां प॑ अंगिका के पढ़ाय होतै ।
बिहार अंगिका अकादमी केरऽ अध्यक्ष प्रो (डॉ.) लखनलाल सिंह आरोही केरऽ अनुरोध प॑ नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रासबिहारी सिंह न॑ अंगिका केरऽ पढ़ाय मं॑ दिलचस्पी देखैन॑ छै । एकरा ल॑ करी क॑ डॉ. आरोही स॑ लिखित प्रस्ताव मांगलऽ गेलऽ छै, जेकरा सं॑ एकेडमिक काउंसिल मं॑ एकरा रखलऽ जाब॑ सक॑ ।
हिन्न॑  प्रो आरोही न॑ कहलकै कि नालंदा खुला विश्वविद्यालय के परीक्षा मं॑ अंग क्षेत्र केरऽ हजारो विद्यार्थी शामिल होय छै । हुनकऽ कहना छै कि ई विश्वविद्यालय मं॑ मगही, मैथिली, भोजपुरी आंचलिक व क्षेत्रीय भाषा सिनी क॑ पहलै सं॑ जग्घऽ देलऽ गेलऽ छै, ऐना  मं॑ अंगिका क॑ भी जगह मिलना चाहियऽ ।  प्रो रासबिहारी सिंह न॑ हुनकऽ ई अनुरोध क॑ स्वीकार करलकै आरू ओकरा सं॑ संबंधित प्रस्ताव मांगलकै, ताकि अंगिका केरऽ पढ़ाय  क॑ अमलीजामा पहनैलऽ जाब॑ सक॑ ।
अंगिका भाषा के पढ़ाय पर अगला सत्र 2017-18 स॑ विचार करलऽ जाब॑ सकै छै ।

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