भागलपुर, 30जून, 2020 । अंगिका के सुपरिचित साहित्यकार-गीतकार श्री उमाकांत झा अंशुमाली केरौ काल भोरे हृदय गति रुकी गेला सँ निधन भ गेलै । हुनी ६८ वर्ष के रहै |

श्री उमाकांत झा अंशुमाली केरौ निधन प शोक व्यक्त करतैं अंगिका के वरिष्ठ साहित्यकार श्री अनिरूद्ध प्रसाद विमल नँ आय अंगिका.कॉम क हुनकौ निधन के जानकारी देलकै ।

हिन्दी साहित्यकार श्री पारस कुंज नँ उमाकांत झा अंशुमाली केरौ निधन क व्यक्तिगत क्षति बतैतें कहलकै कि एकरा सँ हुनका काफी दुःख पहुँचलौ छै । हुनी भगवान सँ प्रार्थना करै छै कि अंशुमाली जी के आत्मा क शांति प्रदान करअ आरू दुःख के ई घड़ी मँ हुनकौ परिवार जनौ क संबल प्रदान करअ ।

श्री उमाकांत झा अंशुमाली केरौ जन्म ३१ अक्टूबर १९५२ ई. क कदराचक, शंभुगंज, बाँका (बिहार) मँ  होलौ रहै | हुनकौ शिक्षा विज्ञान स्नातक तक होलौ रहै |

उमा कांत झा "अंशुमाली" (फोटो स्त्रोत - श्री पारस कुंज)
उमा कांत झा “अंशुमाली” (फोटो स्त्रोत – श्री पारस कुंज, फेसबुक)

हुनकौ माय स्मृतिशेष श्रीमती चन्द्रकला देवी आऱू बाबू स्मृतिशेष श्री भगवान दत्त झा छेलात ।

हुनी आपनौ पीछू आपनौ धर्म पत्नी, दू बेटा, एक बेटी सहित भरलौ – पुरलौ परिवार छोड़ी गेलै ।

हुनकौ निधन सँ भागलपुर सहित अंगदेश केरौ हिन्दी व अंगिका साहित्यकारौ के बीच शोक व्याप्त भ गेलौ छै ।

अंगिका साहित्यकार-गीतकार उमा कांत झा “अंशुमाली” जी केरौ निधन प अंगिका.कॉम परिवार हुनका प्रति अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करै छै ।

भगवान सँ प्रर्थना छै कि उनकौ आत्मा क चिर शांति प्रदान करअ  आरू परिजनौ क दुःख सँ उबरै के शक्ति प्रदान करअ ।

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