पटना। बिहार में नीतीश सरकार केरऽ पूर्ण शराबबंदी क॑ पटना हाईकोर्ट न॑ एक दफा फेरू झटका देतें हुअ॑ शराब अधिनियम के तहत अभियुक्त बनैलऽ गेलऽ लोगऽ क॑ अग्रिम जमानत दै के निर्देश देलऽ गेलऽ छै । अदालत न॑ नया शराब अधिनियम केरऽ धारा ७६(२) क॑ असंवैधानिक करार देल॑ छै । सोमवार क॑ अदालत न॑ ई स्पष्ट करलकै कि शराब अधिनियम के तहत बनैलऽ गेलऽ अभियुक्त क॑ हाईकोर्ट के अलावा निचलऽ अदालत सें भी अग्रिम जमानत देलऽ जैतै । बिहार केरऽ नया शराब कानून २०१६ के धारा ७६(२) के तहत ई प्रावधान करलऽ गेलऽ छेलै कि ऐसनऽ मामला में अग्रिम जमानत प्रदान नै करलऽ जैतै ।

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ई मामला में पटना हाईकोर्ट केरऽ एकलपीठ ने भी नया शराब नीति कानून केरऽ धारा ७६(२) क॑ स्पष्ट करतें हुअ॑ कहल॑ छेलै कि एखरऽ तहत ई प्रावधान करलऽ गेलऽ छेलै कि ऐसनऽ मामला में अग्रिम जमानत प्रदान नै करलऽ जैतै, जब तलक कि न्यायालय द्वारा उक्त धारा क॑ गैर संवैधानिक नै घोषित करी देलऽ जाय छै । साथ ही साथ अदालत न॑ ई भी स्पष्ट करलकै कि यदि निचलऽ अदालत शराब मामला में पकड़ाब॑ या आत्मसमर्पण करलऽ अभियुक्तऽ के जमानत नामंजूर करै छै त॑ ओकरा अपनऽ आदेश में ई बात के स्पष्ट उल्लेख करै ल॑ होतै कि कोन कारनऽ सें हुनी जमानत नामंजूर करन॑ छै ।

पिछला २२ सितंबर २०१७ क॑ ई मामले में सुरक्षित रखलऽ गेलऽ आदेश में सोमवार क॑ अपनऽ फैसला सुनैलकै । जस्टिस केके मंडल आरू जस्टिस मधुरेश प्रसाद केरऽ खंडपीठ न॑ मनीष कुमार उर्फ लोकेश कुमार सहित अन्य तरफऽ सें दायर याचिका पर सुनवाई पूरा करी क॑ सुरक्षित रखलऽ गेलऽ आदेश में अपनऽ फैसला सुनैलकै ।

एकरऽ पहन॑ भी २०१६ ई. में भी पटना हाईकोर्ट न॑ नीतीश सरकार द्वारा लानलऽ गेलऽ शराब बंदी कानून पर स्टे लगाय देन॑ छेलै ।

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