Read this News in Englishइस समाचार को हिंदी में पढ़ें  / ई समाचार क॑ अंगिका म॑ पढ़ऽ

भागलपुर । बिहार सरकार केरऽ अनुमति के बगैर ही तिलकामाँझी भागलपुर केरऽ अंगिका विभाग चली रहलऽ छै ! ई कहना छेकै बिहार अंगिका अकादमी केरऽ अध्यक्ष, डॉ. (प्रो.) लखनलाल सिंह आरोही केरऽ ।

डॉ. आरोही न॑ अपनऽ फेसबुक https://www.facebook.com/drlakhanlall.arohi पर लिखल॑ छै कि पी. जी. अंगिका विभाग, भागलपुर केरऽ बंद होय के संभावना के खबर सें अंगिकाभाषी चिंतित होय उठलऽ छै । हुनी अंगिका विभाग केरऽ विभागाध्यक्ष व समन्वयक प्रो. मधुसूदन झा क॑ अंगिका विभाग केरऽ ई नियति केरऽ वजह बतलैल॑ छै ।

बिहार अंगिका अकादमी केरऽ अध्यक्ष के अनुसार सरकार सें अंगिका विभाग क॑ चलाबै के अनुमति, विभाग लेली प्रोफेसर व कर्मचारी लेली सृजित पदऽ के स्वीकृति आरू कोर्स के स्वीकृति प्राप्त नै होलऽ छै । उनकऽ अनुसार कुलाधिपति सें खाली कोर्स केरऽ स्वीकृति प्राप्त छै ।

बिहार अंगिका अकादमी के अध्यक्ष  न॑ आरोप लगैतें हुअ॑ कहल॑ छै कि प्रो. मधुसूदन झा न॑ उपर्युक्त समस्या के समाधान लेली विश्वविद्यालय स्तर पर कभी कोय पहल नै करलकै । प्रो. झा अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच केरऽ राष्ट्रीय अध्यक्ष भी छेकै जेकरऽ बैठक प्रायः अंगिका विभाग में होतें रहै छै ,लेकिन बैठक में विभाग केरऽ बदहाली के कभी नोटिश नै लेलऽ जाय छै । हुनका एकरा सें  कोय सरोकार नै होय छै ।

Facebook_Screen Shot 2017-11-19 at 12.23.41 AM_LakhanLalArohi

बिहार अंगिका अकादमी केरऽ अध्यक्ष ने आगू लिखल॑ छै कि हुनी उपर्युक्त समस्या केरऽ समाधान वास्तें भागलपुर विश्वविद्यालय केरऽ पदाधिकारियऽ सिनी सें मिली क॑ बिहार सरकार केरऽ उच्च शिक्षा विभाग क॑ पत्र भेजवैन॑ रहै जहाँ सें तीन प्रश्नऽ के जबाब विश्वविद्यालय सें माँगलऽ गेलऽ छै । हुनी बतैन॑ छै कि हुनकऽ पहल पर पुनः पत्र केरऽ उत्तर तैयार करलऽ जाय रहलऽ छै ।

बिहार अंगिका अकादमी के अध्यक्ष, डॉ. (प्रो.) लखनलाल सिंह आरोही न॑ अंगिका विभाग केरऽ विभागाध्यक्ष डॉ. मधुसूदन झा पर उद्यंडता के आरोप लगैतें हुअ॑ कहल॑ छै कि प्रो.झा तें हुनका बिहार अंगिका अकादमी केरऽ अध्यक्ष भी नै  मानै छै ! 

 

सरकार की अनुमति के बगैर ही चल रहा है तिलकामाँझी भागलपुर विश्वविद्यालय का अंगिका विभाग !

Read this News in Englishइस समाचार को हिंदी में पढ़ें  / ई समाचार क॑ अंगिका म॑ पढ़ऽ

भागलपुर । बिहार सरकार की अनुमति के बगैर ही तिलकामाँझी भागलपुर का अंगिका विभाग चल रहा है ! यह कहना है बिहार अंगिका अकादमी के अध्यक्ष, डॉ. (प्रो.) लखनलाल सिंह आरोही का ।

डॉ. आरोही ने अपने फेसबुक https://www.facebook.com/drlakhanlall.arohi पर लिखा है कि पी. जी. अंगिका विभाग, भागलपुर के बंद होने की संभावना की खबर से अंगिकाभाषी चिंतित हो उठे हैं । उन्होंने अंगिका विभाग के विभागाध्यक्ष व समन्वयक प्रो. मधुसूदन झा को अंगिका विभाग की इस नियति का कारण बताया है ।

बिहार अंगिका अकादमी के अध्यक्ष के अनुसार सरकार से अंगिका विभाग को चलाने की अनुमति, विभाग के लिए प्रोफेसर एवं कर्मचारियों के सृजित पदों की स्वीकृति अौर कोर्स की स्वीकृति प्राप्त नहीं हैं । उनके अनुसार कुलाधिपति से केवल कोर्स की स्वीकृति प्राप्त है ।

बिहार अंगिका अकादमी के अध्यक्ष  ने आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रो. मधुसूदन झा ने उपर्युक्त समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर कभी कोई पहल नहीं की । प्रो. झा अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं जिसकी बैठक अाए दिन अंगिका विभाग में होती रहती है ,लेकिन बैठक में विभाग की बदहाली की कभी नोटिश नहीं ली जाती । उन्हें इससे कोई सरोकार नहीं होता ।

बिहार अंगिका अकादमी के अध्यक्ष ने आगे लिखा है कि उन्होंने उपर्युक्त समस्याओं के समाधान के लिए भागलपुर विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों से मिलकर बिहार सरकार के उच्च शिक्षाविभाग को पत्र भिजवाया है जहाँ से तीन प्रश्नों के जबाब विश्वविद्यालय से माँगे गए हैं । डॉ. आरोही की पहल पर  पुनः पत्र का उत्तर तैयार किया जा रहा है ।

बिहार अंगिका अकादमी के अध्यक्ष, डॉ. (प्रो.) लखनलाल सिंह आरोही ने अंगिका विभाग के डॉ. मधुसूदन झा पर उदंडता का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रो.झा तो उन्हें बिहार अंगिका अकादमी का अध्यक्ष भी नहीं मानते ! 

 

Angika Department of Tilakamajhi Bhagalpur University is running on without permission of Bihar government!

Read this News in Englishइस समाचार को हिंदी में पढ़ें  / ई समाचार क॑ अंगिका म॑ पढ़ऽ


Bhagalpur. The Angika department of Tilakamajhi Bhagalpur is running on without the permission of the Bihar Government! This has been stated by Dr. (Prof.) Lakhanlal Singh Arohi, the President of Bihar Angika Academy.

Dr. Arohi has expressed his concern over the situations through a post on his Facebook https://www.facebook.com/drlakhanlall.arohi. He has pointed out the fact that Angika speaking population is worried about the possibility of the closure of PG Angika Department of Bhagalpur University. He has held the Head and Coordinator of Angika Department  Prof. Madhusudan Jha responsible for this alleged destiny of the Angika Department.

According to the President of Bihar Angika Academy, the permission from the government to run the Angika Department and acceptance of the posts of Professors and employees created for the department and the acceptance & approval of the course is not obtained. According to him, only the course approval has been granted by the Chancellor.

The President of Bihar Angika Academy has alleged that Prof. Madhusudan Jha has never taken any initiative at the university level to resolve the issues mentioned above. Pro. Jha is also the national president of All India Angika Sahitya Kala Manch, whose meetings are  held time to time in  Angika department, but in the meeting, he never discuss there the pathetic conditions of Angika department and demise thereof. They do not have any concern with these matters related to Angika Department.

The President of the Bihar Angika Academy has written further that he has arranged to send a letter from Angika Department of Bhagalpur University to the Higher Education Department of Bihar Government for the solution of the above problems. The Higher Education Department of Bihar Government in return  has asked the the officials of Bhagalpur University  to give the answers to the three questions related to Angika Department . Dr. Arohi disclosed that the answer to the letter was being prepared on his initiative.

President of Bihar Angika Academy, Dr. (Prof.) Lakhanlal Singh, accusing Dr. Madhusudan Jha of Angika Department of extortion, said that Prof. Jha does not even consider him the President of Bihar Angika Academy!

Comments are closed.

error: Content is protected !!