पटना : टाइम्स ऑफ इंडिया मॆं हाल मॆं छपलॊ एगॊ खबर खास करी कॆ अंग क्षेत्र केरॊ अखनी तलक सरकारी  नजर सॆं उपेक्षित अंगिका कला आरू मंजूषा कला सॆं वास्ता राखै वाला लेली खुशखबरी बनी कॆ ऐलॊ छै. मंजूषा कला, अंगिका कला सहित पटना स्कूल चित्रकला, मिथिला पेंटिंग, बांस कला उत्पादन, सिक्की घास कला उत्पादन, दरी आरू पर्दा उत्पादन , रेशम उत्पादन, व्यंजन , मिट्टी कला उत्पादन , लोक गीत आरू लोक नृत्य आदि पारंपरिक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत केरॊ सरंक्षण क्षेत्र मॆं एगॊ नया पहल होलॊ छै .

कला और शिल्प केरॊ क्षेत्र मॆं लिप्त कुशल कलाकारॊ आरू शिल्पकारॊ केरॊ सशक्तीकरण लेली तथा बिहार केरॊ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत केरॊ रक्षा कॆ वास्तॆं दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (Central University of South Bihar (CUSB )), अगला शैक्षणिक सत्र सॆं गया परिसर मॆं स्नातक मॆं पेशा ( कला और शिल्प ) केरॊ पाठ्यक्रम शुरुआत करै लॆ जाय रहलॊ छै. इ कोर्स विश्वविद्यालय केरॊ स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज के तहत शुरू करलॊ जैतै.

Manjusha Art

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विश्वविद्यालय केरॊ प्रो मोहम्मद मुदस्सीर आलम केरॊ अनुसार शुरूआत मॆं इ कोर्स मॆं 20 सीट रहतै. हालाँकि तीन साल केरॊ इ पाठ्यक्रम स्नातक केरॊ डिग्री लेली डिज़ाइन करलॊ गेलॊ छै, पर विद्यार्थी लेली लचीला विकल्प राखलॊ गेलॊ छै. एक विद्यार्थी एक वर्ष (दू सेमेस्टर) पूरा करला के बाद पाठ्यक्रम छोड़ै लॆ चाहै छै तॆ ओकरा कला आरू शिल्प मॆं एक डिप्लोमा सॆं सम्मानित करलॊ जैतै. वोन्है दू साल ( चार सेमेस्टर ) पूरा होला पर ओकरा एडवांस डिप्लोमा सॆं सम्मानित करलॊ जैतै. तीन साल ( छह सेमेस्टर ) केरॊ बाद एक स्नातक के डिग्री प्राप्त होतै. इ पाठ्यक्रम मॆं प्रवेश लेली योग्यता के पात्रता छेकै - कोय भी न्यूनतम अंक के साथ , कोय भी स्ट्रीम सॆं 10 + 2 या एकरॊ समकक्ष उत्तीर्ण होना . योग्य उम्मीदवार www.cub.ac.in , CUSB वेबसाइट सॆं आवेदन पत्र डाउनलोड करॆ सकॆ छै, आरू भरलॊ आवेदन पत्र विश्वविद्यालय केरॊ पटना कैंपस मॆं जमा करॆ सकॆ छै.इ कोर्स लेली कोय आवेदन शुल्क नै छै.

प्रो आलम नॆ कहलकै कि राज्य मॆं युवा पीढ़ी केरॊ एगॊ बड़ॊ आबादी मंजूषा कला, अंगिका कला, पटना स्कूल चित्रकला, मिथिला पेंटिंग, बांस कला उत्पादन, सिक्की घास कला उत्पादन, दरी आरू पर्दा उत्पादन , रेशम उत्पादन, व्यंजन , मिट्टी कला उत्पादन , लोक गीत आरू लोक नृत्य आदि पारंपरिक कामॊ मॆ लागलॊ छै. लेकिन हुनका अपनॊ प्रतिभा के प्रदर्शन करै लेली उचित मंच नै मिलै छै. इ कोर्स कॆ पूरा करी कॆ लोगॊ कॆ आपनॊ कृतियॊ मॆं दृढ़ता, आत्मप्रेरणा आरू गौरव पाबै के क्षमताहासिल होतै. साथॆं-साथ हुनी उभरी रहलॊ अर्थव्यवस्था मॆं टिकी करी कॆ सुदृढ़ जीवन-यापन लेली जरूरी आत्मविश्वास भी हासिल करतै.

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