भागलपुर । अंगिका भाषा क॑ आठमऽ अनुसूची म॑ शामिल कराबै लेली गहन विमर्श करै वास्तें आरू आगू के रणनीति तय करै वास्तें आगामी इतवार क॑ एगो विचार संगोष्ठी केरऽ आयोजन करलऽ जैतै । अंग उत्थानांदोलन समिति, बिहार-झारखंड केरऽ बैनर तले  ई संगोष्ठी  भागलपुर स्थित भगवान पुस्तकालय (नया बाजार) म॑  आगामी इतवार ८ सितंबर,१७ क॑ ११:३० बजे स॑ आयोजित होतै ।

‘भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची और विश्व की प्राचीन भाषा अंगिका’ विषय प॑ आयोजित विचार संगोष्ठी म॑ अंग प्रदेश केरऽ विचारक, विद्वान, आरू राजनीतिज्ञ सिनी शामिल होतै ।

ई कार्यक्रम क॑ सफल बनाबै लेली गत मंगलवार क॑ बरारी स्थित अशोक कुमार गुप्ता केरऽ आवास प॑ कार्यकर्ता सिनी के बैठक होलै । बैठक केरऽ अध्यक्षता कुल गीतकार आमोद कुमार मिश्र न॑ करलकै । जबकि मुख्य अतिथि के रूप म॑ गीतकार राजकुमार, आरू विशिष्ठ अतिथि के रूप म॑ कवि रामावतार राही मौजूद रहै । मंच केरऽ संचालन समिति केरऽ राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. जयंत जलद न॑ करलकै ।

angika_goshathi-oct-2017-bhagalpur

डॉ. जयंत जलद न॑ कहलकै कि केंद्र आरू राज्य म॑ अखनी सुशासन के सरकार छै ई लेली ऐसनऽ माहौल म॑ लोकतंत्र केरऽ प्राचीन भाषा अंगिका सथ॑ उदासीन व उपेक्षित रवैया कदापि उचित नै छै ।

मुख्य अतिथि गीतकार राजकुममार न॑ कहलकै कि अंगिका केरऽ समुचित सम्मान आरू अधिकार लेली अब॑ संस्थागत नै बल्कि एकजुटता के साथ लड़ै के जरूरत छै ।

विशिष्ठ अतिथि के रूप म॑ कवि रामावतार राही न॑ कहलकै कि मातृभाषा केरऽ रूप म॑ अपना सब गूँगऽ छियै । अपना सब क॑ अपनऽ आवाज क॑ अंजाम तलक पहुँचाबै लेली अब॑ एकजुट होय जाना चाहियऽ ।

बैठक केरऽ अध्यक्षता करत॑ कुल गीतकार आमोद कुमार मिश्र न॑ कहलकै कि अंगिका खाली एगो समृद्ध भाषा ही नै छेकै बल्कि ई सभ्यता आरू संस्कृति केरऽ परिचायक भी छेकै । अंगिका म॑ समृद्ध साहित्य, नाट्य कला, सिनेमा,लोकगीत,लोकगाथा आदि न॑ कतिपय श्रेणी म॑ अग्रणी भूमिका निभैल॑ छै । संविधान केरऽ आठमऽ अनुसूची म॑ दर्ज करै लेली हर शर्त आरू मानक क॑ पूरा करै छै । ई लेली ई काम म॑ अब॑ सरकारी उदासीनता आरू विलंब अनुचित छै ।

बैठक म॑ उपस्थित अन्य लोगऽ सिनी न॑ भी अपनऽ विचार म॑ कहलकै कि जब॑ तलक अंगिका भाषा क॑ संविधान केरऽ आठमऽ अनुसूची म॑ शामिल नै करलऽ जैतै, तब॑ तलक एकरऽ समुचित विकास संभव नै छै ।

Comments are closed.

error: Content is protected !!