भागलपुर। बिहार अंगिका अकादमी केरऽ अध्यक्ष डॉ. लखन लाल सिंह आरोही न॑ मुख्यमंत्री क॑ चिट्ठी लिखी क॑ कहल॑ छै कि बिहार अंगिका अकादमी केरऽ गठन होला के एक वर्ष होय चुकलऽ छै  लेकिन शिक्षा विभाग केरऽ घोर उदासीनता के वजह सं॑ अखनी तलक अकादमी क॑ कार्यालय आवंटित नै करलऽ गेलऽ छै । जेकरा स॑ अकादमी के गठन केरऽ उद्देश्य पूरा नै होय पाबी रहलऽ छै । अकादमी के प्रति ई तरह के उपेक्षा भाव स॑ अंगिका भाषा-भाषियऽ मं॑ गहरा आक्रोश फैलतं॑ जाय रहलऽ छै । हुनी कहल॑ छै कि कार्यालय भवन के बारे म॑ शिक्षा मंत्री आरू प्रधान सचिव स॑ पूछलऽ गेला पर कहलऽ जाय छै  कि फाइल पर अभी विमर्श चली रहलऽ छै ।

आगू हुनी कहल॑ छै कि पिछला एक साल स॑ ई विषय क॑ ठंडा बस्ता मं॑ छोड़ी देला स॑ शिक्षा विभाग केरऽ घोर उदासीनता के साफ पता चलै छै । शिक्षा विभाग अंगिका अकादमी के प्रति तनियो टा गंभीर नै दिखाय पड़ी रहलऽ छै ।

डॉ. आरोही न॑  मुख्यमंत्री स॑ कार्यालय, कर्मचारी आरू अकादमी संचालन संबंधी कोष तुरंत उपलब्ध कराबै के मांग करन॑ छै ।

पिछला ३ अगस्त क॑ स्पीड पोस्ट सं॑ भेजलऽ गेलऽ ई पत्र मं॑ मुख्यमंत्री के प्रति दृढ़ विश्वास व्यक्त करतं॑ हुअ॑ आशा करलऽ गेलऽ छै कि पत्र मिलतं॑ हुनी कार्यालय, कर्मचारी आरू अकादमी संचालन लेली राशि उपलब्ध कराय देतै । जेकरा सं॑ अकादमी केरऽ अध्यक्ष केरऽ रूप मं॑  हुनी १५ अगस्त क॑ कार्यालय मं॑ राष्ट्रीय ध्वज फहराब॑ सकतै ।

डॉ. लखन लाल सिंह आरोही, अध्यक्ष, बिहार अंगिका अकादमी

डॉ. लखन लाल सिंह आरोही, अध्यक्ष, बिहार अंगिका अकादमी

हुन्न॑ पिछला ९ अगस्त क॑ डॉ. डी.एस.गंगवार, प्रधान सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार क॑ लिखलऽ पत्र मं॑ डॉ. आरोही न॑ कहन॑ छै कि साहित्य, संस्कृति सं॑ लैस एगो प्रबुद्ध प्रशासक होला के नाते  हुनी अवश्य ही हमरऽ (डॉ. आरोही के) पीड़ा क॑ समझतै । डॉ. आरोही न॑ कहल॑ छै कि सचिवालय केरऽ चक्कर लगैतं॑-लगैतं॑ हुनी परेशान होय गेलऽ छै । हुनी डॉ. डी.एस.गंगवार क॑ याद दिलैल॑ छै कि ई अकादमी हुनकऽ मातृभाषा अंगिका केरऽ छेकै ।

Comments are closed.