सफलतापूर्वक आयोजित भेलै कटिहार मँ अंगिका महोत्सव।

कटिहार । २४ जून, २०१९ । काल कटिहार मँ अखिल भारतीय अंगिका साहित्य विकास समिति केरौ बैनर तले अंगिका साहित्यकार, अंग क्षेत्र केरौ जन प्रतिनिधि, आरू युवा छात्र-छात्रा सिनी नँ जौरौ होय क बड्डी उत्साह सथें अंगिका महोत्सव मनैलकै ।

अंगिका महोत्सव के आरंभिक उद्बबोधन

माननीय पूर्व पथ निर्माण मंत्री श्री महेंद्र नारायण यादव जी केरौ अध्यक्षता मँ आयोजित ई अंगिका महोत्सव मँ मुख्य अतिथि  के रूप मँ माननीय पूर्व विधायक श्री तारकिशोर प्रसाद के साथ-साथ आयोजन निदेशक डॉ रमेश मोहन आत्मविश्वास, संयोजक अवधविहारी आचार्य, प्रमुख वक्ता सुधीर कुमार प्रोग्रामर, प्रदीप प्रभात, मतवाला जी आरनि मौजूद रहै ।

दर्शक दीर्घा मँ अंगिका महोत्सव के आनंद लेतें अंगिका प्रेमी

सम्मान आरो उद्घाटनोपरांत अवधविहारी आचार्य द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करलौ गेलै । ओकरौ बाद अंगिका के दशा आरू दिशा प परिचर्चा करलौ गेलै । परिचर्चा के आरंभ करतें हुअय नाटककार मतवाला जी नँ भागलपुर न्यायालय मँ अंगिका शब्दौ के प्रभाव क जाहिर करलकै ।

अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच के झारखण्ड प्रदेश महासचिव श्री प्रदीप प्रभात नँ अंगिका साहित्य मँ बुजुर्ग साहित्यकारौ, डोमन साहू शमीर, सुमन सुरो, डॉ अम्बष्ट, डॉ तेजनारायण कुशवाहा, डॉ नरेश पांडेय चकोर, डॉ अमरेन्द्र आदि के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाललकै।

वहीं प्रमुख वक्ता आरू अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच, बिहार के प्रदेश महासचिव श्री सुधीर कुमार प्रोग्रामर नँ अंगिका के प्रगति पर विस्तार पूर्वक तब सँ अब तलक के जानकारी देतें हुअय बतैलकै कि अंगिका के आदि कवि सरहपाद छेलै आरू पंडित राहुल सांकृत्यायन द्वारा “अंगिका” नामकरण भेलै आरू अंगिका गगनचुम्बी भाषा बनै दन्नें बढ़ी चललै । अंग माधुरी, अंगप्रिया, अंग भारत जैसनौ अंगिका के कईएक पत्र- पत्रिका प्रकाशित हुअय लगलै। पिछला १५ बर्षो सँ कुंदन अमिताभ द्वारा अंगिका डॉट कॉम (Angika.com) के माध्यम सँ देश ही नै अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंगिका के कृति, कृतिकारौ के सूची सहित दैनिक गतिविधि के रिपोर्टिंग लगातार होय रहलौ छै । राहुल शिवाय आरू डॉ अमरेन्द्र के सहयोग  आरू प्रयास सँ कविता कोश मँ सैकड़ों साहित्यकारौ के लगभग 75, 674 पन्ना मँ रचना देखलौ आरू पढ़लौ जाबै सकै छै ।

महोत्सव क संबोधित करतें श्री सुधीर कुमार प्रोग्रामर

हुनी बतैलकै कि बिहार सरकार नँ अंगिका क सम्मान देतें हुअय अंगिका अकादमी के गठन करलकै, जबकि झारखण्ड सरकार नँ अंगिका क द्वितीय राजभाषा के दर्जा द करी क अंगिका के मान बढ़ैलकै ।

श्री प्रोगामर नँ कहलकै कि आज साहित्य अकादमी दिल्ली, दूरदर्शन, पटना, आकाशवाणी भागलपुर लगातार अंगिका साहित्यकारौ क तरजीह देना आरंभ करी देलै छै । तिलकामांझी भागलपुर सँ अंगिका मँ 200 सँ अधिक छात्र-छात्रा सिनी एम्. ए.,  20 – पी. एच. डी., 2- डी. लिट् करी चुकलौ छै। दिल्ली सरकार नँ भी अंगिका अकादमी गठित करै के आश्वासन देलै छै।

अखिल भारतीय अंगिका विकास मंच केरौ अध्यक्ष आरू अंगिका भाषा के ध्वनि पर वैज्ञानिक अद्ययन करै वाला आरू डी. लिट्. अर्जित वाला  डॉ. रमेश मोहन आत्मविश्वास नँ अंगिका के ध्वनि पर वैज्ञानिक तर्क प्रस्तुत करी क ओकरा मँ सुधार करै के बात करलकै।

अंगिका महोत्सव मँ आयोजित कवि सम्मेलन मँ भाग लेतेँ कविगण

कार्यक्रम केरौ दूसरे आरू अंतिम सत्र मँ कवि सम्मेलन के दौर चललै जेकरा मँ सर्वश्री भगवान प्रलय, सुधीर कुमार प्रोग्रामर, त्रिलोकी नाथ दिवाकर, प्रीतम विश्वकर्मा कवियाठ, साथी सुरेश सूर्य, रंजना सिंह, सच्चिदानंद किरण, शैलेश प्रजापति शैल, महेंद्र निशाकर, फूलकुमार अकेला, सुधीर झा, डॉ. अवधविहारी आचार्य, श्रवण विहारी, अनिल कुमार, प्रभाष चंद्र, मतवाला जी, अंशु श्री, ठाकुर राष्ट्रभूषण, दिनकर दीवाना, भोला कुमार, शमसाद जिया, कपिलेश्वर कपिल के अलावे दर्जनो कवि सिनी नँ कविताएं सुनैलकै आरू कार्यक्रम क रोचक बनाय देलकै।

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कार्यक्रम करौ संचालन सुधीर कुमार झा आरू फूलकुमार अकेला जी नँ करलकै ।

अंगिका महोत्सव के समाचार दिल्ली सँ प्रकाशित हिन्दी साप्ताहिक मँ

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