1 month ago
अंगिका भाषा क संविधान केरौ ८मो अनुसूची आरू बिहार केरौ दोसरौ राज्यभाषा के श्रेणी मँ शामिल करबाबै ल मुख्यमंत्री, विधि मंत्री सँ माँग
1 month ago
जनगणना मँ अपनौ नामौ सथें मातृभाषा के कॉलम मँ अंगिका जरूर दर्ज करैइयै : अंगिका निवेदन पत्र, नेपाली गीत गोष्ठी
1 month ago
अंगिका क संविधान केरौ ८मो अनुसूची मँ डलबाबै आरू बिहार केरौ दोसरौ राजभाषा के रूपौ मँ मान्यता दिलाबै तलक जारी रहतै संघर्ष – प्रीतम विश्वकर्मा कवियाठ
1 month ago
अंगिका क संविधान केरौ ८ मो अनुसूची मँ आरू बिहार केरौ दोसरौ राज्यभाषा के श्रेणी मँ सूचीबद्ध करबाबै लेली नेपाली गीत-गोष्ठी आयोजित करतै कार्यक्रम
1 month ago
अपनो माय भाषा अंगिका क संविधान केरौ ८ मो अनुसूची मँ डलबाय क संवैधानिक दर्जा दिलाबै लेली हजारों के भीड़ नँ बनैलकै मानव श्रृंखला

अखिल भारतीय साहित्यकार परिषद, भागलपुर द्वारा अम्बेडकर जयन्ती के अवसर प ‘सामाजिक कुरीति’ विषय प परिचर्चा व कवि गोष्ठी के भेलै आयोजन ।

भागलपुर ।१४ अप्रैल, २०१९। आय अखिल भारतीय साहित्यकार परिषद द्वारा डॉ. नवीन निकुंज केरौ आवास काव्यकुंज शैलवाग,अलीगज मँ अम्बेडकर जयन्ती के अवसर पर “सामाजिक कुरीति ” विषय प परिचर्चा आयोजित करलौ गेलै। जेकरा मँ कवि गोष्ठी के भी आयोजन भेलै।

कार्यक्रम के उद्घघाटन हिन्दी सलाहकार समिति भारत सरकार के सदस्य श्री वीरेन्द्र कुमार यादव नँ दीप प्रज्वलित करी क करलकै। अध्यक्ष डाँ भूपेन्द्र मंडल आरू मुख्य अतिथि डॉ रमेश मोहन शर्मा आत्मविश्वास छेलै। कार्यक्रम केरौ आयोजक परिषद केरौ अध्यक्ष महेन्द्र प्रसाद निशाकर केरौ सद्यः प्रकाशित टेलिफिल्म प्रारूप “दहेज राक्षसऽ के होली जलैबै” के लोकार्पण करलौ गेलै । मंच संचालन डॉ नवीन निकुंज नँ करलकै।

कवि आरू संगीतकार कपिलदेव कृपाला नँ आगंतुक मेहमानौ लेली स्वागत गीत व सरस्वती वन्दना प्रस्तुत करलकै। वीरेन्द्र यादव जी नँ अपनौ संबोधन मँ कहलकै कि वर्ष 2005 सँ ही सरकार नँ ई प्रावधान करलै छै कि पिता के सम्पत्ति पर बेटा के समान बेटी के भी अधिकार होतै। राष्ट्रभाषा हिन्दी के स्थिति के बारे मँ हुनी कहलकै कि सर्वोच्च न्यायालय मँ हिन्दी मेँ याचिका नै देलौ जाबै सकै छै । खाली अंग्रेजी मँ ही ई संभव छै। ई दुखद स्थिति छै । खलिल जिब्रान के उल्लेख करतँ हुनी कहलकै कि जे राष्ट्र अपनौ उपजैलौ अन्न सँ पेट नै भरै छै वू सब दिन भूखले रहै छै ।

डॉ नवीन निकुँज नँ स्वलिखित एकांकी “दहेज नहीं उत्तराधिकार चाहिए” प विस्तार सँ प्रकाश डाललकै। गनगनिया सँ पधारलौ वरिष्ठ कवि व नाटककार साथी सुरेश सूर्य नँ ”घूरी गेलै मुनिया के अैलों बारात” अंगिका गीत प्रस्तुत करी क माहौल क गमगीन करी देलकै। कवयित्री नीरा पाल नँ “बेटी के जनम दैखी मन उदास भेलै हे बहिना”, विभूरंजन जी नँ “लड़की छै आय जगो रो शान”, आत्मविश्वास जी नँ “तुम कौन हो,हलचल मचा जाते हो” कवि भोला बागवानी नँ “नेता पहले देते भाषण ,फिर आश्वासन”, अध्यक्ष डॉ भूपेन्द्र मंडल नँ “बिहार की बेटियाँ कसम है खाती,दहेज देकर व्याह नही करेंगे” कविता के पाठ करी क दहेजप्रथा के विरुद्ध विगुल फूँकलकै।

डॉ नवीन निकुँज नँ सैनिकौ के सम्मान मँ कविता “सूरमाओं के शैार्य समर में मेरा भी शोणित शामिल हो, हे भारत माँ दे आशीष हम तेरी रक्षा के काबिल हों” के पाठ करी श्रोता सिनी मँ जोश भरी देलकै।

ई अवसर पर मधुलक्ष्मी,विनय कबीरा,गणेश गणपति,रामविलाश शांडिल्य,अभय भारती,अजय शंकर,नरेश ठाकुर रामदेव साह, राहुल, गुड्डू, अजीत, विक्रम आदि उपस्थित रहै।

( कवि भोला कुमार बागवानी के फेसबुक पोस्ट मँ देलौ गेलौ सूचना प आधारित)

Comments are closed.

error: Content is protected !!