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COVID-19 : बाहर सँ लानलौ तरकारी व समान के उपयोग के सुरक्षित तरीका की छेकै ?
1 month ago
अंगिका भाषा क संविधान केरौ ८मो अनुसूची आरू बिहार केरौ दोसरौ राज्यभाषा के श्रेणी मँ शामिल करबाबै ल मुख्यमंत्री, विधि मंत्री सँ माँग
1 month ago
जनगणना मँ अपनौ नामौ सथें मातृभाषा के कॉलम मँ अंगिका जरूर दर्ज करैइयै : अंगिका निवेदन पत्र, नेपाली गीत गोष्ठी
1 month ago
अंगिका क संविधान केरौ ८मो अनुसूची मँ डलबाबै आरू बिहार केरौ दोसरौ राजभाषा के रूपौ मँ मान्यता दिलाबै तलक जारी रहतै संघर्ष – प्रीतम विश्वकर्मा कवियाठ
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अंगिका क संविधान केरौ ८ मो अनुसूची मँ आरू बिहार केरौ दोसरौ राज्यभाषा के श्रेणी मँ सूचीबद्ध करबाबै लेली नेपाली गीत-गोष्ठी आयोजित करतै कार्यक्रम

भागलपुर, १ मार्च, २०२० । अंगिका भाषा क संविधान केरौ ८मो अनुसूची मँ दर्ज करबाबै लेली आरू बिहार केरौ दोसरौ राज्यभाषा के श्रेणी मँ सूचीबद्ध करबाबै लेली, साहित्यिक-सांस्कृतिक मंच – नेपाली गीत-गोष्ठी  भागलपुर तरफौ सँ इशाकचक भागलपुर मँ प्रसिद्ध कवि आरू गीतकार श्री लक्ष्मीनारायण मधुलक्षमी केरौ अध्यक्षता मँ एगो कार्यक्रम आयोजित करलौ गेलै ।

साहित्यिक सांस्कृतिक मंच नेपाली गीत गोष्ठी केरौ महासचिव, श्री प्रीतम विश्वकर्मा कवियाठ नँ कहलकै कि अंगिका क संविधान केरौ ८मो अनुसूची आरू बिहार केरौ दोसरौ राजभाषा के रूपौ मँ मान्यता दिलाबै तलक  संघर्ष जारी रहतै ।

ई कार्यक्रम मँ एगो निवेदन पत्र केरौ लोकार्पण भी होलै । ई निवेदन पत्र हजारों-हजार केरौ संख्या मँ अंगिका भाषी के बीच वितरित करी क अंगिका क  ८मो अनुसूची मँ दर्ज करबाबै लेली लोगो सिनी मँ जागरूकता लानै के चेष्टा करलौ जैतै ।

कार्यक्रम केरौ उद्घघाटन आरू निवेदन पत्र केरौ लोकार्पण नगर विधायक अजीत शर्मा, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शंभू दयाल खेतान, हीरा प्रसाद हरेन्द्र, ब्रजेश साह, सूधीर कुमार प्रोग्रामर, डॉ. प्रेम प्रभाकर, गीतकार राजकुमार, शतदल मंजरी,प्रीतम विश्वकर्मा कवियाठ, लक्ष्मीनारायण मधुलक्षमी  द्वारा संयुक्त रूप सँ करलौ गेलै ।

विधायक श्री अजीत शर्मा नँ कहलकै कि अंगिका क बिहार राज्य केरौ दोसरौ राजभाषा के रूप मँ मान्यता दिलाबै लेली हर संभव प्रयास करतें रहतै ।साथ ही हुनी कहलकै कि अंगिका क ८मो अनुसूची मँ डलबाबै लेली पूरा ताकत लगाय देतै ।

डॉ. शंभू दयाल खेतान नँ कहलकै कि आपनौ हक क पाबै लेली एकजुट होय क रहना जरूरी छै ।

कवि हीरा प्रसाद हरेंद्र नँ कहलकै कि अंगिका खाली एगो भाषा ही नै छेकै बल्कि आपनौ सांस्कृतिक विरासत भी छेकै ।

डॉ. प्रेम प्रभाकर नँ कहलकै कि अंगिका के विकास लेली संगठित प्रयास के प्रति समर्पण के दरकार छै ।

आपनौ अध्यक्षीय भाषण मँ प्रसिद्ध कवि आरू गीतकार श्री लक्ष्मीनारायण मधुलक्षमी  नँ कहलकै कि एगो राजनीतिक षडयंत्र के तहत समुच्चा अंगिका भाषी क्षेत्र क मैथिली भाषी क्षेत्र  बताय क मैथिली क ८ मो अनुसूची मँ शामिल करी देलौ गेलौ छै । ई अन्यायपूरण छै कैन्हैंकि करोड़ों लोगौ के भाषा अंगिका, अंग क्षेत्र के भाषा छेकै जेकरौ वजूद काफी प्राचीन काल सँ छै । हुनी कहलकै कि निवेदन पत्र केरौ माध्यम सँ राजधानी दिल्ली केरौ संसद तलक आवाज बुलंद करलौ जैतै ।

ब्रजेश साह नँ कहलकै कि  अंगिका केरौ तरक्की लेली हर क्षेत्र मँ एगो लहर आरू चेतना पैदा करै के जरूरत छै ।

विभुरंजन जायसवाल नँ कहलकै कि अंगिका भाषी केरौ चेतना हिलोर ल रहलौ छै ।

कार्यक्रम केरौ संचालन गीतकार श्री राजकुमार नँ करलकै ।

जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्री शंभु राय भी कार्यक्रम मँ उपस्थित रहै ।

एकरौ अलावे ई मौका पर अभय आनंद, प्रमोद सिंह, श्याम प्रसाद मंडल, मनोज भगत, संजय कुमार, मनमौजी अंगपुरी, हेमंत कुमार, आनंद कुमार, महेन्द्र मयंक, सुमन सोनी, कोमल सृष्टि, ओम प्रकाश शर्मा, कमल किशोर मंडल, सच्चिदानंद किरण, संतोष कुमार, कमल किशोर मंडल, हेमंत आनंद, धीरज पंडित आरनि के अलावै सौकड़ों के संख्या मँ अंगिका भाषी मौजूद रहै ।

अंगिका.कॉम के संस्थापक संपादक श्री कुंदन अमिताभ नँ आयोजक मंडल क कार्यक्रम के सफल आयोजन लेली बधाई देनै छै । हुनी आशा व्यक्त करनै छै कि संस्था अंगिका के प्रति लोगो सिनी क जागरूक बनैतै रहतै ।

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