भागलपुर । शिक्षक के कमी के चलतें तिलकामाँझी भागलपुर विश्वविद्यालय केरऽ पी.जी. अंगिका विभाग बंद होय के कगार प॑ छै ! तिलकामाँझी भागलपुर विश्वविद्यालय मं॑ बिना शिक्षक वाला व्यवसायिक कोर्स आरू सामान्य कोर्स प॑ बंद होय केरऽ खतरा मंडराय रहलऽ छै । बगैर शिक्षक वाला बहुत सारा कोर्स केरऽ पढ़ाय बंद हुअ॑ सकै छै । जेकरा में अंगिका केरऽ पी.जी. विभाग भी शामिल छै ।

दैनिक प्रभात खबर में छपलऽ खबर के मोताबिक बिहार सरकार न॑ तिलकामाँझी भागलपुर विश्वविद्यालय क॑ चिट्ठी लिखी क॑ महीना भर के अंदर व्यवसायिक आरू सामान्य कोर्स में नियुक्त करलऽ गेलऽ शिक्षक के संख्या माँगल॑ छै । विश्वविद्यालय म॑ बहुत्ते कोर्स कर्मचारी सब के भरोसे प॑ चली रहलऽ छै । आगामी सत्र सें ई कोर्स में नामांकन बंद हुअ॑ सकै छै ।

ज्ञातव्य छै कि स्थापना केरऽ लगभग १५ बरस बाद भी अंगिका विभाग में आज तलक कोनो शिक्षक केरऽ बहाली नै करलऽ गेलै ।  हिंदी विभाग केरऽ शिक्षकऽ में सें कुछ क॑ अंगिका विभाग केरऽ विभागाध्यक्ष बनाय क॑ विभाग केरऽ गतिविधि क॑ चलाबै के प्रक्रिया अपनैलऽ गेलै । ई एगो आश्चर्य  पैदा करै वाला तथ्य छेकै कि अंगिका विभाग में अलग सें शिक्षक केरऽ बहाली कैन्हें नै करलऽ गेलै , जबकि अंग क्षेत्र केरऽ हिरदय स्थली भागलपुर सहित सौंसे अंग क्षेत्र में एक सें एक अंगिका केरऽ विद्वान आरू साहित्यकार भरलऽ पड़लऽ छै ।

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तिलकामाँझी भागलपुर विश्वविद्यालय में स्थापना केरऽ लगभग १५ बरस बाद भी अंगिका विभाग में आज तलक कोनो शिक्षक केरऽ बहाली नै करलऽ जाना आरू अंततः एकरा बंद होय के कगार प॑ लानी देना अंग क्षेत्र केरऽ जनता के गल्लऽ नै उतरी रहलऽ छै । एकरा में जानी-बूझी क॑ करलऽ गेलऽ साजिश केरऽ बू आबी रहलऽ छै । आखिर मसला की छेकै ?

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