डकार: कभी ब्रिटेन के उपनिवेश रहे ज़ाम्बिया के राष्ट्रपति याहया जाम्मेह ने ब्रिटेन के खिलाफ अपने ताजा बयान में कहा हैं कि ज़ाम्बिया अब अंग्रेजी को अपनी आधिकारिक भाषा नहीं रखेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी भाषा का प्रयोग ज्यादा करेंगे।’’ हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन सी भाषा इस गरीब पश्चिमी अफ्रीकी देश में अंग्रेजी का स्थान लेगी। Flag_of_The_Gambia

ज़ाम्बिया के दबंग शासक 48 वर्षीय जाम्मेह का ब्रिटेन के खिलाफ यह ताजा वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को नए मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण के मौके पर उन्होंने यह बात कही थी। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी कई भाषाएं हैं, जिन्हें अंग्रेजी के स्थान पर चुना जा सकता है।

ज़ाम्बिया में हर पांच में से दो जांबियावासी मांडिंका भाषा का प्रयोग करते हैं, जबकि फूला अथवा वोलोफ भाषा का प्रयोग अन्य 34 प्रतिशत ज़ाम्बियावासी करते हैं। जाम्मेह स्वयं अल्पसंख्यक जूला कबीले से आते हैं, जो मैंडिंग भाषा का प्रयोग करते हैं। यह भाषा पास के माली में बोली जाने वाली बांबारा से काफी मिलती-जुलती है।

(Source: http://www.punjabkesari.in/news/article-226085)

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