केन्द्रीय खेल मंत्रालय ने राजीव गांधी खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार और ध्यानचंद पुरस्कार के लिए 10 जनवरी 2014 को दिशानिर्देश जारी किए.
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए जारी दिशा-निर्देश के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं,
• किसी खिलाडी को डोपिंग के लिए दोषी पाया गया हो या उसके खिलाफ मामला लंबित हो तो वह खेल पुरस्कारों के योग्य नहीं होगा. football_sport
• किसी कोच को ड्रग लेने के लिए खिलाडियों को प्रोत्साहित करने का दोषी पाया जाता है या फिर उसके कोई मामला लंबित हो तो वह द्रोणाचार्य पुरस्कार के योग्य नहीं होगा.
• खेल पुरस्कारों के लिए हर वर्ष नामांकन जनवरी में आमंत्रित किए जाएंगे.
• नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल या इस महीने कामकाज की अंतिम तिथि होगी.
• नामांकन भेजने के लिए हर खेल संस्था के पदाधिकारियों को चिन्हित किया गया है.
• केवल अधिकृत व्यक्ति ही नामांकन भेज सकता है.
• नामांकन की प्रति राष्ट्रीय खेल महासंघ के पास भेजी जाएगी.
• यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या कभी खिलाड़ी को उम्र में धोखाधड़ी, यौन उत्पीड़न या डोपिंग के लिए चेतावनी या सजा दी गई है.
• नामांकन पर हस्ताक्षर करने का अधिकार भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष और महासचिव, राष्ट्रीय खेल महासंघों के अध्यक्ष और महासचिव के पास होगा.
• क्रिकेट के मामले मे नामांकन बीसीसीआइ अध्यक्ष या सचिव को भेजना होगा.

विदित हो कि वर्ष 2013 में एथलीट रंजीत माहेश्वरी के नाम की अर्जुन पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था लेकिन डोपिंग के एक पुराने मामले के चलते उन्हें पुरस्कार नहीं दिया गया.

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